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विवाह की 25 वी वर्षगाँठ पर

स्नेह प्यार मंगलकामनाओं और शुभाशीष की कोई सीमा नहीं होती। जितना मिल जाए वो भी कम है। अनंत शुभकामनाओं और   स्नेह के साथ  विवाह की 25 वी वर्षगाँठ पर   स्वर्ग में तय होते हैं रिश्ते सुना है ऐसा , सब कहते हैं , जन्नत सा घर उनका जो इकदूजे के दिल में रहते हैं ! जीवन कितना सूना होता तुम बिन सच ही सब कहते ,  खुशियों की इक गाथा उनमें आंसू जो बरबस बहते हैं ! हाथ थाम कर लीं थीं कसमें उस दिन जिस पावन बेला में , सदा निभाया सहज ही मिलकर दिल पर लिख कर ही देते हैं ! कदम-कदम पर दिया हौसला प्रेम का झरना बहता रहता , ऊपर कभी कुहासा भी हो अंतर में उपवन खिलते हैं ! नहीं रहे अब ‘ दो ’ तुम दोनों एक सुर की एक ही भाषा है , एक दूजे से दोनों की पहचान बनी   संग-संग ही जाने जाते हैं ! यहाँ तक पहुंचे हैं तुम दोंनो   जीवन का रस पीते-पीते कल भी साथ निभाना है   मधुमास पवन , अगन , में जीते जीते

जन्मदिन आपको मुबारक हो,

जन्मदिन आपको मुबारक हो, आपका नाम आसमाँ तक हो। हर ख़ुशी आपके चरण चूमे और आँगन में रोशनी झूमे, काम भी यादगार लायक़ हो जन्मदिन आपको मुबारक हो। आपका नाम आसमाँ तक हो ! दर्द शरबत समझ के पी जाएँ चाँद-तारों की उम्र जी जाएँ, कोई बाधा कहीं न बाधक हो जन्मदिन आपको मुबारक हो। आपका नाम आसमाँ तक हो ! सबकी आँखों के आप हों तारे आप हों प्यार से अधिक प्यारे, हर जगह आप ही की रौनक़ हो जन्मदिन आपको मुबारक हो। आपका नाम आसमाँ तक हो !
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ससंकोच एम.ए (हिंदी), पत्रकारिता (बी.जे.) में प्रावी ण्य सूची में प्रथम,लोककला संगीत में डिप्लोमा. पैतीस सालों से साहित्य एवं पत्रकारिता में समान रूप से सक्रिय. -सदस्य -साहित्य अकादेमी, दिल्ली/प्रांतीय अध्यक्ष-छत्तीसगढ़ राष्ट्र्भाषा प्रचार समिति -विभिन्न विधाओं में कुल पचास पुस्तके प्रकाशित : 8 उपन्यास- मिठलबरा की आत्मकथा, माफिया, और पालीवुड की अप्सरा. 15 व्यंग्य संग्रह - ईमानदारों की तलाश, भ्रष्टाचार विकास प्राधिकरण, ट्यूशन शरणम गच्छामि, मेरी इक्यावन व्यंग्य रचनाएँ, मूर्ति की एडवांस बुकिंग, हिट होने के फार्मूले, नेता जी बाथरूम में, एवं ''मंत्री को जुकाम''., नवसाक्षरों के लिये चौदह पुस्तकें बच्चो के लिये चार किताबें, एक हास्य चालीसा , दो ग़ज़ल संग्रह. - कर्णाटक एवं मध्यप्रदेश में दो लोग गिरीश पंकज के व्यग्य-साहित्य पर पीएच.डी. कर रहे है.प्रवास -अमरीका, ब्रिटेन, त्रिनिदाद, मारीशस आदि लगभग दस देशो का प्रवास. -ईमेल- girishpankaj1@gmail.com रेमाधव पब्लिकेशन, गाज़ियाबाद द्वारा प्रकाशित मेरा आठवाँ व्यंग्य-संग्रह