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प्रेस क्लब / अनामी शरण बबल-6

बस जल्द ही बढ़ने   वाला है रेल किराया जनता जर्नादन होशियार,   बा मुलाहिजा सावधान । लालू ममता की दया धार अब बंद होने वाली है। सात साल के बाद एक बार फिर रेल किराया में बढ़ने का दौर चालू होने जा रहा है। बिहार को रसातल में ले जाने के लिए कुख्यात बदनाम लालू राबड़ी राज का कलंक अभी तक बरकरार है, इसके बावजूद एक रेल मंत्री के रूप में लालू ने कमाल किया और लगातार पांच साल तक रेल किराये को बढ़ने नहीं दिया। आय के अन्य संसाधनों को बढ़ाकर रेलवे को घाटे में नहीं आने दिया। लालू के बाद ममता बनर्जी ने भी लालू के पदचिन्हों पर चली, और किराये को नहीं बढ़ाया। मगर ममता पार्टी के प्रेशर से रेल मंत्री बने दिनेश त्रिवेदी ने दया करूणा प्रेम ममता और संवेदना को दरकिनार करते हुए रेल भाड़ा बढ़ाने का गेम चालू कर दिया है। संसाधनों को तलाश कर आय में चौतरफा बढ़ोतरी के उपायों में जुट गए है। रेल घाटे से बेहाल है, क्योंकि ममता दीदी ने रेल की बजाय वेस्ट बंगाल पर तो ध्यान दिया, मगर रेल को लेकर अपने कर्तव्य भूल गई। देश यूपीए और सरदार जी की गद्दी पर कोई खास संकट (अन्नामय की तरह) नहीं आया तो साल 2011 के अंत तक देश की जीव

भारत में सूर्य मंदिरों की सूची

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विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से यहाँ जाएँ: भ्रमण , खोज यह सूची भारत में सूर्य - मंदिरों की है:- कोणार्क में सूर्य देव कोणार्क , पुरी चित्र:ModheraSunTemple.JPG मोधेरा , गुजरात मार्तंड, कश्मीर उलार्क सूर्य मंदिर कोणार्क सूर्य मंदिर मोदेरा सूर्य मंदिर रनकपुर सूर्य मंदिर सूर्य पहर मंदिर दक्षिणार्क सूर्य मंदिर देव सूर्य मंदिर औंगारी सूर्य मंदिर बेलार्कसूर्य मंदिर सूर्य मंदिर, हंडिया सूर्य मंदिर, गया सूर्य मंदिर, महोबा रहली का सूर्य मंदिर सूर्य मंदिर, झालावाड़ सूर्य मंदिर, रांची सूर्य मंदिर, जम्मू मार्तंड मंदिर, कश्मीर [ छुपाएँ ] देखें   •   चर्चा   •   बदलें भारत में सूर्य मंदिर सूर्य उन्नाव सूर्य मंदिर  • उलार्क सूर्य मंदिर  • कोणार्कसूर्य मंदिर  • मोदेरा सूर्य मंदिर  • रनकपुर सूर्य मंदिर  • सूर्य पहर मंदिर  • दक्षिणार्क सूर्य मंदिर  • देव सूर्य मंदिर  • औंगारी सूर्य मंदिर  • बेलार्कसूर्य मंदिर  • सूर्य मंदिर, हंडिया  • सूर्य मंदिर, गया  • सूर्य मंदिर, महोबा  • रहली का सूर्य मंदिर  • स

देव सूर्य मंदिर

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(अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) आप भी विकिपीडिया में सम्पादन कर योगदान दे सकते है लीजिये विकि स्वशिक्षा विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से यहाँ जाएँ: भ्रमण , खोज यह बिहार के देव (औरंगाबाद जिला) में स्थित सूर्य मंदिर है। यह मंदिर पूर्वाभिमुख ना होकर पश्चिमाभिमुख है। यह मंदिर अपनी अनूठी शिल्प कला के लिए प्रख्यात है। पत्थरों को तराश कर बनाए गए इस मंदिर की नक्काशी उत्कृष्ट शिल्प कला का नमूना है। यहाँ छठ पर्व के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ती है। अनुक्रम [ छुपाएँ ] 1 मंदिर का निर्माण 2 स्थापत्य 3 प्रतिमाएँ 4 मंदिर का स्वरूप 5 रख-रखाव [ संपादित करें ] मंदिर का निर्माण प्रचलित मान्यता के अनुसार इसका निर्माण स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने किया है। इस मंदिर के बाहर संस्कृत में लिखे श्लोक के अनुसार 12 लाख 16 हजार वर्ष त्रेतायुग के गुजर जाने के बाद राजा इलापुत्र पुरूरवा ऐल ने इस सूर्य मंदिर का निर्माण प्रारम्भ करवाया था। शिलालेख से पता चलता है कि पूर्व 2007 में इस पौराणिक मंदिर के निर्माणकाल का एक लाख पचास हजार सात वर्ष पूरा हुआ। पुरातत्वविद इस मंदिर का निर

प्रेस क्लब / अनामी शरण बबल-5

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युवराज की फटकार के बाद  जागी टीम मनमोहन अन्ना की आंधी इतनी विकराल होगी, शायद इसका अनुमान तो टीम अन्ना समेत अन्ना को भी नहीं थी। दिल्ली पुलिस द्वारा तमाम नियम कानून को ठेंगे पर ऱखकर जो कुछ किया गया, उसके खिलाफ देशव्यापी जनसैलाब को देखकर भी पहले तो वकील साहब ने मनुजी को यकीन दिला दिया कि बस चार छह घंटे का ये तमाशा है शाम ढलते-ढलते सब कुछ सामान्य हो जाएगा। अपने बेस्ट माइंड पर भरोसा करके मनु साहब बेफ्रिक थे, मगर पूरे देश में आंधी देखकर टीम मनमोहन का दम उखड़ने लगा। अपने युवराज को भी मुगली घूंटी 555 की तरह हर बार समझा बूझा लेने वाले वकील साहब ने इस बार भी राहुल बाबा को कोरा बाबा मानकर दिलासा बंधाया। मगर बेकाबू हाल देखकर अपने सौम्य और सुकुमार बाबा का खून खौला और शाम की मीटिंग में सबको जमकर लताड़ा। लताड़ के बाद ही अपने चेहरे पर मुस्कान लपेटकर टीम मनु की त्रिमूर्ति सोनी पी.चिंद और वकील साहब प्रेस के सामने आकर डैमेज कंट्रोल में लगे कैमरों के सामने मुस्कुराते दिखे। खासकर वकील साहब का खिलखिलाता स्माईली फेस (चेहरा) देखना तो वाकई हैरतनाक लगा। कहां से कहां तक एक

शंकर दयाल सिंह

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(अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) आप भी विकिपीडिया में सम्पादन कर योगदान दे सकते है लीजिये विकि स्वशिक्षा विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से यहाँ जाएँ: भ्रमण , खोज शंकर दयाल सिंह (१९३७-१९९५) शंकर दयाल सिंह (१९३७-१९९५) ( अंग्रेजी : Shankar Dayal Singh) भारत के राजनेता तथा हिन्दी साहित्यकार थे। वे राजनीति व साहित्य दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लोकप्रिय थे। उनकी असाधारण हिन्दी सेवा के लिये उन्हें सदैव स्मरण किया जाता रहेगा। उनके सदाबहार बहुआयामी व्यक्तित्व में ऊर्जा और आनन्द का अजस्र स्रोत छिपा हुआ था। उनका अधिकांश जीवन यात्राओं में ही बीता और यह भी एक विचित्र संयोग ही है कि उनकी मृत्यु यात्रा के दौरान उस समय हुई जब वे अपने निवास स्थान पटना से भारतीय संसद के शीतकालीन अधिवेशन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने दिल्ली आ रहे थे। नई-दिल्ली रेलवे स्टेशन पर २७ नवम्बर १९९५ की सुबह ट्रेन से कहकहे लगाते हुए शंकर दयाल सिंह तो नहीं उतरे, अपितु बोझिल मन से उनके परिजनों ने उनके शव को उतारा। अनुक्रम [ छुपाएँ ] 1 जन्म और जीवन 2 विविधि कार्य 3 राजनीति की धूप 4