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cartoon/ shyam jagota at 11:33 PM/ SHARING THINKING BUBBLE

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SHARING THINKING BUBBLE Posted by  shyam jagota   at  11:33 PM Labels:  Delhi ,  indian cartoonist:shyam jagota
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सोमवार , २४ जनवरी २०११ kam kamta pd. singh kam कामता प्रसाद सिंह काम को याद करते हुए काम की याद में   कामता प्रसाद सिंह काम यानी औरंगाबाद (बिहार) जिले के एक कस्बानुमा भास्कर नगरी     देव के इंट्री गेट से ठीक पहले गांव भवानीपुर का वो सितारा जिसका सूरज 1963 में डूब जाने के बाद भी काम की प्रतिष्ठा , का सूरज आज तक चमक रहा है। कामता जी से मेरा कोई नाता नहीं है। बिहार में चमकते दमकते कामता बाबू की शान में और इजाफा करने वाले देव के दूसरे सूरज शंकर दयाल सिंह ने एक योग्य पुत्र की तरह कामता बाबू की याद में कामता सेवा केंद्र की स्थापना की थी। शायद कामता बाबू को जानने का यह मेरा पहला मौका था। कामता सेवा केंद्र की स्थापना के मौके पर मेरी उम्र शायद 12-13 की रही होगी , मगर दिग्गज नेताओ की मंड़ी लगाकर देव की शान को चार चांद लगाने वाले पितातुल्य शंकर दयाल जी से मैं कब घनिष्ठ हो गया , इसकी कोई याद नहीं है। बाबा की तरह दिल में जगह रखने वाले कामता बाबू को जानने वाले अधिकतर लोगों ने कामताजी और शंकर दयालजी में केवल एक ही अंतर बताया था कि कामता बाबू के चेहरे पर नुकीले     मूंछों   की चमक होती थी , जो शंक

kam kamta pd. singh kam कामता प्रसाद सिंह काम को याद करते हुए

काम की याद में   कामता प्रसाद सिंह काम यानी औरंगाबाद (बिहार) जिले के एक कस्बानुमा भास्कर नगरी   देव के इंट्री गेट से ठीक पहले गांव भवानीपुर का वो सितारा जिसका सूरज 1963 में डूब जाने के बाद भी काम की प्रतिष्ठा, का सूरज आज तक चमक रहा है। कामता जी से मेरा कोई नाता नहीं है। बिहार में चमकते दमकते कामता बाबू की शान में और इजाफा करने वाले देव के दूसरे सूरज शंकर दयाल सिंह ने एक योग्य पुत्र की तरह कामता बाबू की याद में कामता सेवा केंद्र की स्थापना की थी। शायद कामता बाबू को जानने का यह मेरा पहला मौका था। कामता सेवा केंद्र की स्थापना के मौके पर मेरी उम्र शायद 12-13 की रही होगी, मगर दिग्गज नेताओ की मंड़ी लगाकर देव की शान को चार चांद लगाने वाले पितातुल्य शंकर दयाल जी से मैं कब घनिष्ठ हो गया , इसकी कोई याद नहीं है। बाबा की तरह दिल में जगह रखने वाले कामता बाबू को जानने वाले अधिकतर लोगों ने कामताजी और शंकर दयालजी में केवल एक ही अंतर बताया था कि कामता बाबू के चेहरे पर नुकीले   मूंछों   की चमक होती थी, जो शंकर बाबू के चेहरे पर नहीं है। समानता की बात करें तो उन्मुक्त ठहाके लगाने में कोई अंतर नहीं था। द

कामता प्रसाद सिंह काम की 48वी पुण्य तिथि 25 जनवरी पर पुण्य दिवस पर याद करते हुए

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Kamta Prasad Singh "Kam"

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कामता प्रसाद सिंह काम/ 25 जनवरी 48 वी पुण्यतिथिक् मौके पर याद करते हुए

कामता प्रसाद सिंह काम/ एक राजबंदी की डायरी ,d jktcUnh dh Mk;jh  कामता प्रसाद सिंह काम eq>s ;g vuqeku Fkk fd eSa idM+ fy;k tkÅ¡xk    fdUrq lius esa Hkh ;g fo'okl ugha Fkk fd bruh tYnh eSa ljdkjh    esageku cuk fn;k tkÅ¡xkA bl fo'okl dh otg ls Fkh fd ftl    ljdkj us LorU=rk dh j{kk ds fy, teZu dh rkdr ls yksgk fy;k gS og ljdkj nwwljksa dh LorU=rk dks gjus ds igys dqN Lokax t:j jpsxh vkSj blfy, eq>s fo'okl Fkk fd igys eq> ij u cksyus u O;k[;ku nsus ds fy, ,d uksfVl rkehy dh tk;sxh vkSj rc ;g dgdj eSa dgha ij fdlh lHkk esa idM+ fy;k tkÅ¡xk fd eSaus ljdkj dh vkKk dh vogsyuk dh gSA ij dkbZ uksfVl ugha] dksbZ lwpuk ugha vksj eSa idM+ fy;k x;k ,slk djus esa 'kk;n ljdkj dk ;g bjknk jgk gks fd eSa vius fdlh ljdkjh dks vkxs D;k djuk gksxk ;g u crk ldwa    vkSj ,d&c&,d vius dks iqfyl ds dCts    esa ns[kdj eq>s lcls igys ;gh [;ky Hkh gqvk fd vkxs D;k djuk gksxk ;g crk nsuk vc esjs fy, laHko ughaA D;ksafd bu g`n; ;enwrksa ls budh lg`n;rk dh vk'kk j[kuk fd ;

शंकरदयाल सिंह जी की याद में एक राजनेता

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