गजल / सारिका चौधरी


देखो हम कुछ नहीं बोलेंगे .....देखो हम कुछ नहीं बोलेंगे
आँखों आँखों में तोलेंगे ....पर मुंह से कुछ नहीं बोलेंगे

चाहे चीनी सैनिक आ जाएँ ....और हमको आँख दिखा जाएँ
ये देश है देखो हिजड़ों का ...ये सोच के सड़क बना जाये

वो सूअर का बच्चा पाकिस्तान ...जब तब देखो घुस आता है
धोखे से मेरे वीरों के ...सिर अलग -थलग कर जाता है

रोते हैं कितने देश भक्त ....आसूँ हो गये हैं जैसे रक्त
क्या करें की कैसे ले बदला ...यहाँ युवा हैं अपने में ही मस्त

सोयी पड़ी दस जनपथ है .... ये धरती खून से लथपथ है
पर मौनी कुछ नहीं बोलेगा ...आँखों - आँखों में तोलेगा

ना नेता अब कुछ बोलेंगे ...वो अपने वोट को तोलेंगे
क्यूँ मरे गिरों की बात करें ....तब तक वो चैन से सो लेंगे

मेरे देश भक्त मेरे वीरों से ....नेता के बच्चे अच्छे हैं
सिर कट गये तो कट जाने दो ..... क्या वो दस जनपथ के बच्चे हैं

अब समझ गयी है दुनिया भी ....भारत में हिजड़े बसते हैं
चाहे कितने जूत बजा जाओ ...ये बेशर्मों से हँसते हैं

अब तो आवाज़ उठानी है ....बड़ी दूर तलक पहुंचानी है
नेता की तरफ नहीं देखो ....इस जाति में ही बेईमानी है

चीनी संसद में घुस जाएगा ....फिर इतना वो भुस भर जाएगा
वो पाक सूअर भी आयेगा ...और मुंह पर मूत के जाएगा

और संसद सर झुकाएगा .... उनके सम्मान में गायेगा
सज रही गली मेरी अम्मा ...सुनहरे गोटे में
सज रही गली मेरी अम्मा ..... सुनहरे गोटे में .................

सारिका चौधरी

टिप्पणियाँ

  1. अत्यन्त हर्ष के साथ सूचित कर रही हूँ कि
    आपकी इस बेहतरीन रचना की चर्चा शुक्रवार 06-09-2013 के .....सुबह सुबह तुम जागती हो: चर्चा मंच 1361 ....शुक्रवारीय अंक.... पर भी होगी!
    सादर...!

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