बुधवार, 28 अक्टूबर 2015

अल्मोड़ा


अल्मोड़ा का एक दृश्य



प्रस्तुति- दर्शनलाल


अल्मोड़ा से जुड़ी एक लोककथा भी है जिसके अनुसार-
"छह सौ साल पुरानी बात है। उत्तराखण्ड में कुमाऊँ का एक राजा था। वह एक बार शिकार खेलने अल्मोड़ा की घाटी में गया। वहाँ घना जंगल था। शिकार की टोह लेने के दौरान वहीं झाड़ियों में से एक खरगोश निकला। राजा ने उसका पीछा किया। अचानक वह खरगोश चीते में बदल गया और फिर दृष्टि से ओझल हो गया। इस घटना से स्तब्ध हुये राजा ने पंडितों की एक सभा बुलाई और उनसे इसका अर्थ पूछा।

पंडितों ने कहा इसका अर्थ है कि जहाँ चीता दृष्टि से ओझल हो जाय, वहाँ एक नया नगर बसना चाहिए, क्योंकि चीते केवल उसी स्थान से भाग जाते हैं, जहाँ मनुष्यों को एक बड़ी संख्या में बसना हो।

नया शहर बसाने का काम शुरू हुआ और इस प्रकार छह सौ साल पहले अल्मोड़ा नगर की नींव पडी।
Seealso.jpg इन्हें भी देखें: लोककथा संग्रहालय, मैसूर
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