प्रतिनिधि रचनाएँ
- छोटो सो कन्हैया एक मुरली मधुर छोटी / नंददास
- आज वृंदाविपिन कुंज अद्भुत नई / नंददास
- तपन लाग्यौ घाम, परत अति धूप भैया / नंददास
- रुचिर चित्रसारी सघन कुंज में मध्य कुसुम-रावटी राजै / नंददास
- ऊधव के उपदेश सुनो ब्रज नागरी / नंददास
- सूर आयौ माथे पर, छाया आई पाँइन तर / नंददास
- जुरि चली हें बधावन नंद महर घर / नंददास
- झूलत राधामोहन / नंददास
- माई फूल को हिंडोरो बन्यो, फूल रही यमुना / नंददास
- श्री लक्ष्मण घर बाजत आज बधाई / नंददास
- फल फलित होय फलरूप जाने / नंददास
- भाग्य सौभाग्य श्री यमुने जु देई / नंददास
- ताते श्री यमुने यमुने जु गावो / नंददास
- नेह कारन श्री यमुने प्रथम आई / नंददास
- भक्त पर करि कृपा श्री यमुने जु ऐसी / नंददास
- अरी चल दूल्हे देखन जाय / नंददास
- माई आज तो गोकुल ग्राम / नंददास
- प्रात समय श्री वल्ल्लभ सुत को / नंददास
- नंद भवन को भूषण माई / नंददास
| भक्तिकालीन रचनाकार | भक्तिकाल क्या है | ||
| ज्ञानाश्रयी शाखा | कबीर । रैदास । मलूकदास | ![]() |
| प्रेमाश्रयी शाखा | मलिक मोहम्मद जायसी | |
| कृष्णाश्रयी शाखा | सूरदास । नंददास । कृष्णदास । परमानंददास । कुम्भनदास । चतुर्भुजदास । छीतस्वामी । गोविन्दस्वामी । मीराबाई । नरोत्तमदास । रहीम । रसखान । विद्यापति | |
| रामाश्रयी शाखा | तुलसीदास | |

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