बुधवार, 14 जुलाई 2021

जीना हैं तो हंसना होगा..

 हंसी है हर मर्ज की दवा / हंसी से शरीर को क्या -क्या फायदे होते है?*  


1. तनाव कम करने में मदद करे: एक अध्ययन के अनुसार, हंसी तनावपूर्ण स्तिथियों में बेहतरीन इलाज का काम करती है। हंसने से शरीर में कोर्टिसोल और एपिनेफ्रीन नामक स्ट्रेस होर्मोनेस का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे दिमागी सेहत पर सकारत्मक प्रभाव पड़ता है।


2. सांसों के लिए फायदेमंद: क्या आपने दिल खोलकर हंसने के बाद राहत का अनुभव किया है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि, हंसने के दौरान हम गहरी सांसें लेते हैं। जिससे ह्रदय गति और ब्लड प्रेशर का स्तर कम हो करके आपको सुकून का एहसास दिलाने में मदद करता हैं। गहरी सांस लेने की तरह, हंसी में भी अंदरूनी सफाई के तत्व होते हैं, जिनसे इम्फीसेमा और सांसों से जुड़ी अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को मदद मिलती है।


3. प्राकृतिक व्यायाम: हंसने के अंदरूनी फायदों के अलावा, हंसने से शरीर में मांसपेशियों की एक्सरसाइज भी होती है। जब आप हंसते हैं तो आपके मसल्स में हरकत होती है। हंसने से चेहरे के मसल्स और पेट में कॉन्ट्रैक्शन होता है, यही वजह है, कि देर तक हंसने के बाद हम अपने जबड़ों और पेट में हल्का दर्द महसूस करते हैं। जोर से हंसने से पैरों, पीठ, कांधों और बाजुओं की एक्सरसाइज हो जाती है। हंसने से काफी  कैलोरीज भी बर्न करने में मदद मिलती हैं।


4. इम्युनिटी को बेहतर बनाए: रिसर्च के द्वारा पता चलता है, कि हंसने से शरीर में उन एंटीबॉडीज का उत्पादन होता है जिनसे बीमारियों और इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। सकारात्मक विचार न्यूरोपैप्टाइड रिहा कर देते है, जिससे तनाव से बाहर आने में और बहुत गंभीर बीमारी से लड़ने मदद करते है।


5. अनिद्रा की शिकायत दूर करे: अगर नींद की कमी का शिकार हैं या आपको रात में आसानी से नींद नहीं आती तो खुलकर हंसने की आदत दाल लें। हंसने से शरीर में मेलाटोनिन नाम के हार्मोन उत्पादन बढ़ जाता है जिसके कारण हम सुकून भरी नींद ले पाते हैं।


इन सब खूबियों के अलावा हंसने से याददाश्त को बेहतर बनाने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, मूड को बेहतर करने और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद मिलती है। यही वजह है, कि सेहत के एक्सपर्ट्स अक्सर आपको हंसते-मुस्कुराते रहने की सलाह देते हैं।


*प्राकृतिक उपचारओं के माध्यम से शरीर को निरोगी बना सकते हैं*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सेवा धर्म ही असली भक्ति*

 *एक शहर में अमीर सेठ रहता था।  वह बहुत फैक्ट्रियों का मालिक था। एक शाम अचानक उसे बहुत बैचेनी होने लगी। डॉक्टर को बुलाया गया सारी जाँचें करव...