शनिवार, 23 सितंबर 2023

हिंदी वर्णमाला संकलित कविता

 *पति-पत्नी  की नोक झोंक में प्रयुक्त सम्पूर्ण हिंदी वर्णमाला संकलित कविता...*

😆😆


*मुन्ने के नंबर कम आए,*

*पति श्रीमती पर झल्लाए*, 

*दिनभर मोबाइल लेकर तुम,*

*टें टें टें बतियाती हो...*

*खा़क नहीं आता तुमको,* 

*क्या मुन्ने को सिखलाती हो?* 


*यह सुनकर पत्नी जी ने,*

*सारा घर सिर पर उठा लिया l*

*पति देव को लगा कि ज्यों,* 

*सोती सिंहनी को जगा दिया l*


*अपने कामों का लेखा जोखा,* 

*तुमको मैं अब बतलाती हूँ l*

*आओ तुमको अच्छे से मैं,* 

*क ,ख, ग,घ सिखलाती हूँ l*


*सबसे पहले "क" से अपने,* 

*कान खोलकर सुन लो जी..*

*"ख"से खाना बनता घर में,* 

*मेरे इन दो हाथों से ही!* 


*"ग"से गाय सरीखी मैं हूँ,*

*तुम्हें नहीं कुछ कहती हूँ* l

*"घ" से घर के कामों में मैं,* 

*दिनभर पिसती रहती हूँ* l


*पतिदेव गरजकर यूँ बोले..* 

*"च" से तुम चुपचाप रहो* 

*"छ" से ज्यादा छमको मत,*

*मैं कहता हूँ खामोश रहो!* 


 *"ज" से जब भी चाय बनाने,* 

*को कहता हूँ लड़ती हो..*

*गाय के जैसे सींग दिखाकर,* 

*"झ" से रोज झगड़ती हो!*


*पत्नी चुप रहती कैसे,* 

*बोली "ट" से टर्राओ मत* 

*"ठ" से ठीक तुम्हें कर दूँगी..* 

*"ड" से मुझे डराओ मत!*


*बोले पतिदेव सदा आफिस में,*

*"ढ" से ढेरों काम करूँ..* 

*जब भी मैं घर आऊँ,* 

*"त" से तुम कर देतीं जंग शुरू!* 


*"थ" से थक कर चूर हुआ हूँ..*

*आज तो सच कह डालूँ मैं!*

*"द" से दिल ये कहता है...*

*"ध" से तुमको धकियाऊँ मैं!*


*बोली "न" से नाम न लेना,* 

*मैं अपने घर जाती हूँ!* 

*"प" से पकड़ो घर की चाबी*

*मैं रिश्ता ठुकराती हूँ!*


*"फ" से फूल रहे हैं छोले,*

*"ब" से उन्हें बना लेना l*

*" भ" से भिंडी सूख रही हैं,*

*वो भी तल के खा लेना...!!* 


*"म" से मैं तो चली मायके,* 

*पत्नी ने बांधा सामान l*

*यह सुनते ही पति महाशय,*

 *के तो जैसे सूखे प्राण*


*बोले "य" से ये क्या करती* 

*मेरी सब नादानी थी...*

*"र" से रूठा नहीं करो.....*

*तुम सदा से मेरी रानी थी!* 


*"ल" से लड़कर कहते हैं कि..*

*प्रेम सदा ही बढ़ता है!*

*"व" से हो विश्वास अगर तो,* 

*रिश्ता कभी न मरता है l*


*"श" से शादी की है तो हम,*

*"स" से साथ निभाएंगे...* 

*"ष" से इस चक्कर में हम....*

*षटकोण भले बन जाएंगे!*


*पत्नी गर्वित होकर बोली,*

*"ह" से हार मानते हो!*

*फिर न नौबत आए ऐसी*

*वरना मुझे जानते हो!*


*"क्ष" से क्षत्राणी होती है नारी*

*" त्र" से त्रियोग भी सब जानती है*

*"ज्ञ" से हे ज्ञानी पुरुष! चाय पियो*

*और खत्म करो यह राम कहानी!*


🤣🤣🤣🤑🤑🤣🤣


हिन्दी दिवस की बधाई 🙏🙏🙏

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