बुधवार, 28 अक्टूबर 2015

लोककथा संग्रहालय,








प्रस्तुति- डा. ममता शरण


Disamb2.jpg लोककथा संग्रहालय
एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- लोककथा संग्रहालय
लोककथा संग्रहालय, मैसूर
लोककथा संग्रहालय
विवरण यह मैसूर विश्वविद्यालय के परिसर में स्थित है।
राज्य कर्नाटक
नगर मैसूर
स्थापना 1968
भौगोलिक स्थिति 12° 18′ 49.15″ उत्तर, 76° 37′ 20.36″ पूर्व
Map-icon.gif गूगल मानचित्र
अन्य जानकारी लोककथा संग्रहालय में 15 हजार से अधिक लोककथाओं तथा पुरातात्विक महत्व की चीजों का संकलन किया गया है।
लोककथा संग्रहालय मैसूर नगर कर्नाटक राज्य में स्थित है। यह मैसूर विश्वविद्यालय के परिसर में स्थित है।

विशेषता

लोककथा संग्रहालय में 15 हजार से अधिक लोककथाओं तथा पुरातात्विक महत्व की चीजों का संकलन किया गया है। इसे दक्षिण-पूर्वी एशिया का सबसे बड़ा संग्रहालय माना जाता है। इसमें गुजरे हुए जमाने की पहचान करने का अवसर मिलता है। उल्लेखनीय है कि जिस जयलक्ष्मीविलास महल में यह संग्रहालय स्थित है, वह काफ़ी पुराना होने के कारण ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच गया था। हाल ही में इस भवन की मरम्मत तथा नवनिर्माण भी किया गया है। इस कार्य में 2 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं।[1]

भारतकोश लोककथा संग्रहालय

भारतकोश में संकलित लोककथाओं के लिये लोककथा संग्रहालय, भारतकोश पर जायें


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टीका टिप्पणी और संदर्भ


  1. संग्रहालयों का भी शहर है मैसूर (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) दक्षिण भारत राष्ट्रमत। अभिगमन तिथि: 1 जनवरी, 2013।

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