मंगलवार, 8 अगस्त 2023

हरा रंग /कृष्ण मेहता

!! परेशानी का अनोखा हाल !!

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एक शहर में एक अमीर आदमी रहता था। उसको पैसों का बहुत घमण्ड था। एक बार किसी कारण से उसकी आँखों में इन्फेक्शन हो गया और उसकी आँखों में बुरी तरह जलन होने लगी। वह कई डॉक्टरों के पास गया, लेकिन किसी भी डॉक्टर को उसकी परेशानी समझ नहीं आयी। वह बहुत परेशान होने लगा। वह अपना इलाज कराने विदेश चला गया। वहाँ एक बड़े डॉक्टर ने उसकी आँखें देखी और कहा– मैंने अपनी पूरी लाइफ में अभी तक ऐसा केस नहीं देखा है। (वह आदमी बहुत डर जाता है) वह डॉक्टर से पूछता है– क्या हुआ डॉक्टर। 


डॉक्टर कहते हैं– आपकी आंखों में एलर्जी हो गयी है। आप सिर्फ ‘हरा रंग’ देख सकते हैं। यदि आप हरे कलर के अलावा ‘दूसरे कलर’ देखोगे, तो आपकी आंखों में जलन होने लगेगी और धीरे-धीरे आपकी आंखों की रोशनी चली जायेगी। (वह बहुत उदास हो जाता है)। उसके पास पैसा तो बहुत होता है, इसलिए वह पेंटर को बुलाता है और कहता है– तुम इस घर को ‘हरा कलर’ कर दो और जहाँ भी, मैं जाता हूं, पूरी जगह को हरा कर दो। उसने अपनी गली, सड़क, बोर्ड सब कुछ हरा करवा दिया। उसने बहुत पैसा खर्च कर दिया, फिर भी कोई ना कोई ऐसी चीज रह जाती। जिसको हरा नहीं किया जा सकता था। जैसे नीला आसमान, खाना खाने के लिए रोटी और शरीर का कलर, सब चीजों को हरा कलर नहीं किया जा सकता था। (उसका हर रोज बहुत ज्यादा पैसा ख़र्च हो जाता था)


एक दिन उसी गली से एक लड़का निकल रहा था। उसने देखा कि चारों ओर हरा कलर ही क्यों है। उसने वहां कुछ लोगों से पूछा कि यहाँ चारों ओर ‘हरा कलर’ क्यों है। लोगों ने बताया कि यहाँ एक अमीर आदमी रहता है। उसकी आँखों में एलर्जी है। अगर वह हरे कलर के अलावा दूसरा कलर देखता है तो उसकी आँखों मे जलन होने लगती है। इसलिए सब जगह हरा कलर है। वह लड़का उस आदमी के पास जाता है और कहता है– आपने सभी जगह को हरा क्यों कर दिया है। आपकी परेशानी का दूसरा इलाज भी हो सकता है। आपकी परेशानी का इलाज बहुत ही सस्ता और आसान है। आप वेवजह ही इतना पैसा खर्च करते हो। वह आदमी कहता है– आप बताओ, इस परेशानी का क्या हाल हो सकता है। लड़का कहता है– आपकी परेशानी का हल अभी निकल सकता है। 


आप एक ‘हरे कलर का चश्मा पहनो।’ जिससे आपको सारी चीजें हरी दिखाई देंगी। जो बहुत ही सस्ता होगा और आपका एक पैसा भी खर्च नहीं होगा। (यह सुनकर उस अमीर आदमी की आंखें खुली की खुली रह जाती है) वह सोचता है कि कितना आसान तरीका है। मैं, ना जाने कितना पैसा खर्च करता रहा। मैं हड़बड़ी में फैसले लेता रहा। मेरी परेशानी का हल मेरे सामने था। अगर, मैं आराम से इस बारे में सोचता, तो आसानी से हल निकल आता।


*शिक्षा:-*


दोस्तों, कई बार हमारे सामने कुछ परेशानियां आ जाती है, जो बहुत ही आसान होती है। उसका हल भी हमारे सामने होता है लेकिन हम हड़बड़ाहट में ठीक से सोच नहीं पाते हैं और घबरा जाते हैं। जिससे हम अपनी लाइफ में गलत फैसले ले लेते हैं..!!


*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*

*जिसका मन मस्त है -

उसके पास समस्त है।।*

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