शनिवार, 4 अप्रैल 2020

आज 05/04 मंगलमय मुबारक हो।




प्रस्तुति - Morni कृष्ण मेहता:


*क्यों सात बार राई शिर के ऊपर से उतारने से नजर नही लगती ओर  नजर लगी हो तो उतर जाती है*
✍🏻अक्सर हम सुनते है कि जब किसी को नजर लग जाती है तो उसे कहते हैं कि अपनी मुट्ठी में राई लेकर अपने सिर से सात बार उतार कर फेंक दो। क्या राई को सात बार उतार देने से क्या नजर उतर सकती हैं?
✍🏻आइये इसके पीछे क्या विज्ञान काम करता हैं समझने का प्रयास करते हैं। मित्रों अक्सर आप देखते होंगे की राई को जब किसी प्लास्टिक बेग से निकालते हैं तो राई उस प्लाष्टिक बेग से चिपक जाती हैं। वो इसलिये कि राई में चुम्बकीय गुण विद्धमान होता हैं। और राई को बेग से निकालते वक्त घर्षण से उसका चुम्बकीय गुण सक्रीय हो जाता हैं।
अब जब इसे सात बार हमारे शरीर पर से उतारा जाता हैं तब इसका संपर्क हमारे शरीर के सात रंग वाले आभामंडल से होता हैं, जिसे हम सुरक्षा चक्र भी कहते हैं। राई के लगातार हमारे आभामंडल से टकराने से इसका चुम्बकीय गुण सक्रीय होकर हमारे शरीर के सातों चक्रों में फैली नकारात्मकता को सोख लेता हैं। सात बार उतारने का मतलब हमारे सूक्ष्म शरीर के सातों चक्रों का शुद्धिकरण करना होता हैं। सात बार राई को उतारने के बाद उसे घर से कुछ दूर नाली में फेंक दिया जाता हैं।
वैसे आभामंडल के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इसके लिए साधारण तौर पर इतना बता देता हूँ कि आभामंडल हमारे शरीर का सुरक्षा चक्र होता हैं। *जब ज्योतिष शास्त्र* के अनुसार अच्छी-बुरी दशा चलती हैं तो उसका सबसे पहला प्रभाव हमारे आभामंडल पर ही पड़ता हैं। पर अगर हम किसी अच्छी संगत, अच्छे विचार या किसी ज्ञानी गुरु के संपर्क में हो या भगवान् जी में हमारी आस्था बहुत मजबूत हो तो ग्रहों के बुरे प्रभाव की रश्मियाँ हमारे उस आभामंडल यानी सुरक्षा चक्र का भेदन करने में कामयाब नही होती। इसलिए जो लोग निरंतर सत्संग करते हैं, सकारात्मक विचारों के संपर्क में रहते हैं ऐसे पुण्यशाली लोगों पर ग्रहों, टोने-टोटके और नजर इत्यादि का बुरा प्रभाव आसानी से नही पड़ता। और न ही कोई नकारात्मकता उनके आभामंडल को भेद पाती हैं......!!

*" 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ  पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

*दिनाँक -: 05/04/2020,रविवार*
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
चैत्र
"""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि ---------द्वादशी 19:24:20        तक
पक्ष ---------------------------शुक्ल
नक्षत्र ------------मघा 14:56:12
योग --------------शूल 06:56:23
योग -------------गण्ड 27:05:59
करण -----------भाव 09:01:04
करण ----------बालव 19:24:20
करण ---------कौलव 29:40:37
वार --------------------------रविवार
माह ------------------------------ चैत्र
चन्द्र राशि --------------------- सिंह
सूर्य राशि ---------------------- मीन
रितु ----------------------------वसंत
आयन ---------------------उत्तरायण
संवत्सर -----------------------शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी
विक्रम संवत ----------------2077
विक्रम संवत (कर्तक) ----2076
शाका संवत ----------------1942

वृन्दावन
सूर्योदय -----------------06:06:16
सूर्यास्त -----------------18:37:37
दिन काल --------------12:31:21
रात्री काल -------------11:27:33
चंद्रोदय -----------------15:40:30
चंद्रास्त -----------------28:58:02

लग्न ----मीन 21°34' , 351°34'

सूर्य नक्षत्र --------------------रेवती
चन्द्र नक्षत्र ---------------------मघा
नक्षत्र पाया --------------------रजत

*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*

मू ----मघा 09:32:11

मे ----मघा 14:56:12

मो ----पूर्वाफाल्गुनी 20:18:18

टा ----पूर्वाफाल्गुनी 25:38:42

*💮🚩💮  ग्रह गोचर  💮🚩💮*

ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद
=======================
सूर्य=मीन 21°22  '    रेवती,     2  दो
चन्द्र =सिंह 07°23  '  मघा    '  3  मू
बुध = कुम्भ 26°50 '  पू o भा o' 2  सो
शुक्र= वृषभ 07°55,     कृतिका    '  3 उ
मंगल=मकर  08°30'  उ o षा o '  4  जी
गुरु=मकर  00°50 '   उ oषाo ,    1    भे
शनि=मकर  05°43' उ oषा o   '  3  जा
राहू=मिथुन 09°12 '      आर्द्रा ,   1   कु
केतु=धनु  09 ° 12 '      मूल    , 3   भा

*🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩*

राहू काल 17:04 - 18:38 अशुभ
यम घंटा 12:22 - 13:56 अशुभ
गुली काल 15:30 - 17:04  अशुभ
अभिजित   11:57 -12:47 शुभ
दूर मुहूर्त 16:57 - 17:48 अशुभ

🚩गंड मूल 06:06 - 14:56 अशुभ

💮चोघडिया, दिन
उद्वेग 06:06 - 07:40 अशुभ
चर 07:40 - 09:14 शुभ
लाभ  09:14 - 10:48 शुभ
अमृत 10:48 - 12:22 शुभ
काल  12:22 - 13:56 अशुभ
शुभ 13:56 - 15:30 शुभ
रोग 15:30 - 17:04 अशुभ
उद्वेग 17:04 - 18:38 अशुभ

🚩चोघडिया, रात
शुभ  18:38 - 20:04 शुभ
अमृत 20:04 - 21:30 शुभ
चर 21:30 - 22:55 शुभ
रोग 22:55 - 24:21* अशुभ
काल  24:21* - 25:47* अशुभ
लाभ 25:47* - 27:13* शुभ
उद्वेग 27:13* - 28:39* अशुभ
शुभ 28:39* - 30:05* शुभ

💮होरा, दिन
सूर्य  06:06 - 07:09
शुक्र 07:09 - 08:12
बुध  08:12 - 09:14
चन्द्र 09:14 - 10:17
शनि 10:17 - 11:19
बृहस्पति 11:19 - 12:22
मंगल 12:22 - 13:25
सूर्य 13:25 - 14:27
शुक्र 14:27 - 15:30
बुध 15:30 - 16:32
चन्द्र 16:32 - 17:35
शनि 17:35 - 18:38

🚩होरा, रात
बृहस्पति 18:38 - 19:35
मंगल 19:35 - 20:32
सूर्य 20:32 - 21:30
शुक्र 21:30 - 22:27
बुध 22:27 - 23:24
चन्द्र 23:24 - 24:21
शनि 24:21* - 25:19
बृहस्पति 25:19* - 26:16
मंगल 26:16* - 27:13
सूर्य 27:13* - 28:11
शुक्र 28:11* - 29:08
बुध 29:08* - 30:05

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

       12 + 1 + 1 =  14 ÷ 4 = 2 शेष
 आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*💮    शिव वास एवं फल -:*

   12 + 12 + 5 = 29  ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश  वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩    विशेष जानकारी    🚩💮*

*प्रदोष व्रत (शिव पूजन)

* हरिदमनोत्सव

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

मूर्खस्तु परिहर्त्तव्यः प्रत्यक्षो द्विपदः पशुः ।
भिद्यते वाक्यशूलेन अदृश्यं कण्टकं यथा ।।
।।चा o नी o।।

 मूर्खो के साथ मित्रता नहीं रखनी चाहिए उन्हें त्याग देना ही उचित है, क्योंकि प्रत्यक्ष रूप से वे दो पैरों वाले पशु के सामान हैं,जो अपने  धारदार वचनो से वैसे ही हदय को छलनी करता है जैसे अदृश्य काँटा शारीर में घुसकर छलनी करता है .

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -: मोक्षसन्यासयोग अo-18

अध्येष्यते च य इमं धर्म्यं संवादमावयोः ।,
ज्ञानयज्ञेन तेनाहमिष्टः स्यामिति मे मतिः ॥,

जो पुरुष इस धर्ममय हम दोनों के संवाद रूप गीताशास्त्र को पढ़ेगा, उसके द्वारा भी मैं ज्ञानयज्ञ (गीता अध्याय 4 श्लोक 33 का अर्थ देखना चाहिए।,) से पूजित होऊँगा- ऐसा मेरा मत है॥,70॥,

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। किसी के व्यवहार से दिल को ठेस पहुंच सकती है। अपरिचितों पर अतिविश्वास बड़ी हानि दे सकता है। पार्टनरों से मतभेद तनाव दे सकता है। समय पर काम पूर्ण नहीं होने से चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🐂वृष
घर के वृद्धजनों पर विशेष ध्यान देना होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। धनार्जन होगा। प्रेम-प्रसंग अनुकूल रहेंगे। व्यस्तता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नए काम प्रारंभ करने की योजना बनेगी। मित्र व संबंधी सहयोग प्रदान करेंगे। प्रसन्नता रहेगी।

👫मिथुन
प्रॉपर्टी के कार्य लाभदायक रहेंगे। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। परीक्षा व साक्षात्कार में सफलता प्राप्त होगी। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। जल्दबाजी न करें।

🦀कर्क
दांपत्य जीवन में खुशी रहेगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिल सकता है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। आय में वृद्धि होगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। कारोबारी क्षमता तथा आमदनी में वृद्धि के योग हैं।

🐅सिंह
जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। कारोबारी बड़े निर्णय ले सकते हैं। स्थायी संपत्ति में वृद्धि तथा बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में प्रमोशन तथा रोजगार की प्राप्ति संभव है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। बाहरी व्यक्ति पर ध्यान दें।

🙎कन्या
मित्र, संबंधी व परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। यात्रा सफल रहेगी। बौद्धिक कार्य पूर्ण लाभ देंगे। थकान रहेगी। विरोध होगा। मातहतों का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। कोई अपरिचित मार्गदर्शक मिल सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। गरीबों को भोजन कराएं।

⚖तुला
अपनों का व्यवहार पसंद नहीं आएगा। बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यों में अवरोध होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। दूसरों से अपेक्षा न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रयास करते रहें।

🦂वृश्चिक
घर-बाहर मान-सम्मान मिलेगा। मेहनत रंग लाएगी। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। घर से दूर प्रवास की योजना बनेगी। आय में वृद्धि होगी। आकांक्षाएं पूर्ण होने के योग हैं। मित्र व संबंधी के साथ समय सुखपूर्वक व्यतीत होगा। व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा।

🏹धनु
पारिवारिक मित्र व संबंधियों का आगमन होगा। अच्छी खबर प्राप्त होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। विवाद से क्लेश हो सकता है। पुरानी व्याधि उठ सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। संपत्ति व मशीनरी आदि के नवीनीकरण पर खर्च अधिक हो सकता है जिसका तत्काल लाभ नहीं होगा।

🐊मकर
घर में सहयोग नहीं मिलेगा। उत्तेजना व क्रोध पर नियंत्रण रखें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है, धैर्य रखें। भागदौड़ रहेगी। विवाद से क्लेश होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेमतलब आरोप लग सकते हैं। व्यवसाय धीमा चलेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

🍯कुंभ
थोड़ी कोशिश से ही कार्यसिद्धि होगी। समाज में पूछ-परख बढ़ेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बाहर जाने का मन बनेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रतिष्ठित व्यक्ति सहयोग करेंगे।

🐟मीन
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नए काम प्रारंभ करने का मन बनेगा। प्रसन्नता रहेगी। परिवार में मतभेद हो सकता है। विवाद न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
*आचार्य  नीरज  पाराशर (वृन्दावन)*
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599
[05/04, 07:36] Morni कृष्ण मेहता: ╲\╭┓
╭ 🌹 ╯           *_जय श्री हरि_*
┗╯\╲☆         *_●•=======•❥_*
    *_✹•⁘••⁘•✹•⁘••⁘•⁘••⁘•✹•⁘••⁘•✹_
 ✦✧✦✧
┇ ┇ ┇ ┇ *_करूणा के सागर श्री हरि जी की_*
┇ ┇ ┇ ❁        *_असीम अनुकम्पा  आप पर_*
┇ ┇ ✾                  *_सदैव बनी रहे_*
┇ ✵                               
♡  *✹•⁘••⁘•✹•⁘••⁘•⁘••⁘•✹•⁘••⁘•✹*
              🧾 *_आज का पंचाग_* 🧾
               *_रविवार 05 अप्रैल 2020_*

*_भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।_*

         *_।। आज का दिन मंगलमय हो ।।_*

🌌 *_दिन (वार) रविवार के दिन तेल मर्दन करने से ज्वर (बुखार लगता) होता हैं – (मुहूर्तगणपति) रविवार को क्षौरकर्म (बाल, दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से बुद्धि और धर्म की हानि होती है। (महाभारत अनुशासनपर्व)।_*
🌐 *_विक्रम संवत् – 2077.संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – प्रमादी._*
☸️ *_शक संवत - 1942_*
☣️ *_अयन - उत्तरायण_*
⛈️ *_ऋतु - बसंत ऋतु_*
🌤️ *_मास - चैत्र माह_*
🌖 *_पक्ष - शुक्ल पक्ष_*
📆 *_तिथि – द्वादशी 19:27 PM बजे तक उपरान्त त्रयोदशी तिथि है।_*
💫 *_नक्षत्र – मघा (गंडमूल) 14:58 PM तक उपरान्त पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है।_*
🔊 *_योग – शूल 06:58 AM तक उपरान्त गंड योग है।_*
✨ *_करण – बव 09:03 AM तक उपरान्त बालव 19:27 PM तक उपरान्त कौलव करण है।_*
🌙 *_चन्द्रमा – सिंह राशि पर।_*
🌞 *_सूर्योदय – प्रातः 06:29:19_*
🌅 *_सूर्यास्त – सायं 18:52:15_*
🤖 *_राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक।_*
💮 *_विजय (शुभ) मुहूर्त – दोपहर 12.29 बजे से 12.53 बजे तक।_*
⚛️ *_शुभ मुहूर्त : प्रदोष व्रत_*
👼🏻 *_मुंडन : आज मुंडन का मुहूर्त नहीं है।_*
👫🏻 *_विवाह : आज विवाह का मुहूर्त नहीं है।_*
🚙 *_वाहन : आज वाहन खरीदने का मुहूर्त नहीं है।_*
🏘️ *_गृहप्रवेश : आज गृह प्रवेश का मुहूर्त नहीं है।_*
⚜️ *_दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।_*
✍🏼 *_विशेष जानकारी – मित्रों, रविवार के दिन, चतुर्दशी एवं अमावस्या तिथियों में तथा श्राद्ध एवं व्रत के दिन स्त्री सहवास नहीं करना चाहिये। साथ ही तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के पात्र में भोजन करना भी शास्त्रानुसार मना है अर्थात ये सब नहीं करना चाहिये।_*

            ⛲ *_वास्तु टिप्स_* 🏝️

*_वास्तु शास्त्र में कल आपको अष्टगंध के बारे में जानकारी दी गई थी, आज हम आपको पूजा में प्रसाद या नैवेद्य के बारे में बताएंगे। किसी भी पूजा में देवी-देवता को प्रसाद या नैवेद्य अर्पित किया जाता है, लेकिन उस प्रसाद का देवी-देवता को चढ़ाए जाने के बाद क्या करना चाहिये- उसे खाना चाहिये, फेंकना चाहिये, ऐसे ही पड़ा रहने देना चाहिये और साथ ही किस बर्तन में प्रसाद चढ़ाना चाहिये? ये एक महत्वपूर्ण सवाल है, क्योंकि इन सब चीजों का घर पर सीधा असर पड़ता है।इसलिए बता दें कि नैवेद्य को  धातु, यानि सोने, चांदी या तांबे के, पत्थर, यज्ञीय लकड़ी या मिट्टी के पात्र में चढ़ाना चाहिये | साथ ही चढ़ाया हुआ नैवेद्य तत्काल निर्माल्य हो जाता है | कुछ देर बाद वह निगेटिव एनर्जी छोड़ने लगता है | अतः देवता को समर्पित करके प्रसाद को तुरंत उठा लेना चाहिये | ऐसा न करने पर विश्वकसेन, चण्डेश्वर, चन्डान्शु और चांडाली नामक शक्तियों के आने की बात कही गई है |_*

           ⚜️ *_जीवनोपयोगी कुंजियां_* ❇️

*_व्यापार में वृद्धि हेतु ...._*
*_रविवार को गंगाजल लेकर उसमें निहारते हुए २१ बार गुरुमंत्र जपें, गुरुमंत्र नहीं लिया हो तो गायत्री मंत्र जपें | फिर इस जल को व्यापार-स्थल पर जमीन एवं सभी दीवारों पर छिडक दें | ऐसा लगातार ७ रविवार करें, व्यापार में वृद्धि होगी |_*

         🍁 *_आरोग्य कुंजियां_* 🍃

*_लिट्टी-चोखा के फायदे:_*
*_लिट्टी और चोखा सत्तू, बैंगन और आलू भूनकर बनाया जाता है, इसलिए ये सेहत के लिए भी फायदेमंद है। सत्तू में गेंहू, चने और जौ का आटा मिला होता है, इसलिए इसे खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है। वहीं, गर्मी में सत्तू खाने से शरीर में लू नहीं लगती है। इसमें फाइबर की अधिकता होने के कारण पाचन भी सही रहता है। लिट्टी-चोखा शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। साथ ही कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है। डायबिटीज के अलावा ब्लड प्रेशर और हार्ट के मरीजों को लिट्टी-चोखा खाने की सलाह दी जाती है।_*

          📖 *_गुरु भक्ति योग_* 🙏🏼

🌷        *_द्वादशी तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर एवं त्रयोदशी तिथि को बैंगन नहीं खाना चाहिये। ये इन तिथियों में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से किया गया पूजन, उनके नाम एवं स्तोत्रों (विष्णुसहस्रनाम) के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।_*
🌷       *_आज के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये तथा भगवान नारायण का पूजन और जप आदि से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह तिथि यशोबली और सर्वसिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। भद्रा नाम से विख्यात ये तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।_*
🌷        *_द्वादशी तिथि में जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।_*

*※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※*

⚜️ *_रविवार सप्ताह का प्रथम दिन होता है, इसके अधिष्ठात्री देव सूर्य को माना जाता है। इस दिन जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति तेजस्वी, गर्वीले और पित्त प्रकृति के होते है। इनके स्वभाव में क्रोध और ओज भरा होता है तथा ये चतुर और गुणवान होते हैं। इस दिन जन्म लेनेवाले जातक उत्साही और दानी होते हैं तथा संघर्ष की स्थिति में भी पूरी ताकत से काम करते हैं।_*
🕉️ *_रविवार को जन्म लेनेवाले जातक सुन्दर एवं गेंहूए रंग के होते हैं। इनमें तेजस्विता का गुण स्वाभाविक ही होता है। महत्वाकांक्षी होने के साथ ही प्रत्येक कार्य में जल्दबाजी करते है और सफल भी होते हैं। उत्साह इनमें कूट-कूट कर भरा होता है तथा ये परिश्रम से कभी भी घबराते नहीं हैं। ये हर कार्य में रूचि लेने वाले होते हैं परन्तु ये लोग समय के पाबंद नहीं होते। ये जातक अपना करियर किसी भी क्षेत्र में अपने कठिन परिश्रम से बनाने की क्षमता रखते हैं। इनका शुभ दिन रविवार तथा शुभ अंक 7 होता है।_*

🖌 *_””सदा मुस्कुराते रहिये””_*
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                   *9812224501*

[05/04, 07:36] Morni कृष्ण मेहता: *सर्वार्थसंभवो देहो जनित: पोषितो यत: ।*
*न तयोर्याति निर्वेशं पित्रोर्मत्र्य: शतायुषा॥*

भावार्थ - *सौ वर्ष की आयु प्राप्त करके भी माता-पिता के ऋण से उऋण नही हुआ जा सकता । वास्तव में जो शरीर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति का प्रमुख साधन है, उसका निर्माण तथा पालन-पोषण जिनके द्वारा हुआ है, उनके ऋण से मुक्त होना कठिन ही नही, सर्वथा असम्भव है ।*
[05/04, 07:36] Morni कृष्ण मेहता: राम से बडा राम का नाम क्यों है ?

राम नाम ही परमब्रह्म है

एक नाम जाप होता है और एक मंत्र जाप होता है . राम नाम मन्त्र भी है और नाम भी . राम राम राम ऐसे नाम जाप कि पुकार विधिरहित होती है . इस प्रकार भगवान  को सम्बोधित करने का अर्थ है कि हम  भगवान को पुकारे जिससे भगवान  कि दृष्टि हमारी तरफ खिंच जाए .जैसे एक बच्चा अपनी माँ  को पुकारता है तो उन माताओं का चित्त भी उस बच्चे की  ओर  आकृष्ट हो जाता है , जिनके छोटे बच्चे होते  हैं . पर उठकर वही माँ दौड़ेगी जिसको वह बच्चा अपनी माँ  मानता है .

करोड़ों  ब्रह्माण्ड भगवान के एक – एक रोम में हैं बसते हैं . दशरथ  के घर जन्म लेने वाले भी राम है और जो निर्गुण निराकार रूप से सब जगह रम रहें  है , उस परमात्मा का नाम भी राम है .  नाम निर्गुण ब्रह्म और सगुण राम  दोनों से बड़ा है .

भगवान स्वयं नामी कहलाते हैं .  भगवान  परमात्मा अनामय है अर्थात विकार रहित है . उसका न नाम है , न रूप है उनको जानने के लिए उनका नाम   रख कर सम्बोधित किया जाता  है , क्योंकि हम लोग नाम रूप में बैठे हैं इसलिए उसे ब्रह्म कहते हैं . जिस अनंत, नित्यानंद और चिन्मय परमब्रह्म में योगी लोग रमण  करते हैं उसी राम-नाम से परमब्रह्म प्रतिपादित होता है अर्थात राम नाम ही परमब्रह्म है .

अनंत नामों में मुख्य राम नाम है . भगवान के गुण आदि को लेकर कई नाम आयें हैं, उनका जप किया जाये तो भगवान के गुण , प्रभाव, तत्व ,लीला आदि याद आयेंगें . भगवान के नामों से भगवान के चरित्र की याद आती है . भगवान के चरित्र अनंत हैं . उन चरित्र को लेकर नाम जप भी अनंत  ही होगा .

राम नाम में अखिल सृष्टि समाई हुई है

वाल्मीकि ने सौ करोड़ श्लोकों की रामायण बनाई , तो  सौ करोड़ श्लोकों की रामायण को भगवान शंकर के आगे रख दिया जो सदैव  राम नाम जपते रहते हैं . उन्होनें उसका उपदेश पार्वती  को दिया . शंकर ने रामायण के तीन विभाग कर त्रिलोक में बाँट दिया . तीन लोकों  को तैंतीस – तैंतीस  करोड़ दिए तो एक करोड़ बच  गया . उसके भी तीन टुकड़े किए  तो एक लाख बच  गया उसके भी तीन टुकड़े किये तो एक हज़ार बच और  उस एक हज़ार के भी तीन भाग किये तो सौ बच  गया . उसके भी तीन भाग किए  एक श्लोक बच गया . इस प्रकार एक करोड़  श्लोकों वाली रामायण के तीन भाग करते करते एक अनुष्टुप श्लोक बचा रह गया . एक अनुष्टुप छंद के श्लोक में बत्तीस अक्षर होते हैं उसमें दस –  दस करके तीनों को दे दिए तो अंत में  दो ही अक्षर बचे भगवान् शंकर ने यह दो अक्षर रा और म  आपने पास रख लिए . राम अक्षर  में ही पूरी रामायण है , पूरा शास्त्र है .

  राम नाम वेदों के प्राण  के सामान है . शास्त्रों का और वर्णमाल का भी प्राण है . प्रणव को वेदों का प्राण माना जाता है . प्रणव तीन मात्रा वाल ॐ कार पहले ही प्रगट हुआ, उससे त्रिपदा गायत्री बनी और उससे वेदत्रय   . ऋक , साम और यजुः –  ये तीन प्रमुख वेद  बने .  इस प्रकार ॐ कार [ प्रणव ] वेदों का प्राण है . राम नाम को वेदों का प्राण माना  जाता है ,  क्योंकि राम नाम से प्रणव होता है . जैसे प्रणव से र निकाल दो तो केवल पणव  हो जाएगा अर्थात ढोल हो जायेगा . ऐसे ही ॐ में से म निकाल दिया जाए तो वह शोक का वाचक हो जाएगा . प्रणव में र और ॐ में म कहना आवश्यक है . इसलिए राम नाम वेदों का प्राण भी है .

नाम और रूप दोनों ईश्वर कि उपाधि हैं . भगवान् के नाम और रूप दोनों अनिर्वचनीय हैं, अनादि है . सुन्दर, शुद्ध ,  भक्ति युक्त बुद्धि से ही इसका दिव्य अविनाशी स्वरुप जानने में आता है .

राम नाम लोक और परलोक में निर्वाह करने वाला होता है  . लोक में यह देने वाला  चिंतामणि और परलोक में भगवत्दर्शन कराने वाला  है. वृक्ष में जो शक्ति है वह बीज से ही आती है इसी प्रकार  अग्नि, सूर्य और चन्द्रमा में जो शक्ति है वह राम नाम से आती ही .

राम नाम अविनाशी और व्यापक रूप से सर्वत्र परिपूर्ण है . सत् है , चेतन है और आनंद राशि है . उस आनंद रूप परमात्मा से कोई जगह खाली  नही , कोई समय खाली नहीं , कोई व्यक्ति खाली नही कोई प्रकृति  खाली नही  ऐसे परिपूर्ण ,  ऐसे अविनाशी वह निर्गुण है . वस्तुएं नष्ट जाती है,  व्यक्ति नष्ट हो जाते हैं ,  समय का परिवर्तन हो जाता है, देश बदल जाता  है , लेकिन यह सत् – तत्व ज्यों -त्यों  ही रहता है इसका विनाश नही होता है इसलिए यह सत्  है .

   राम नाम कि महिमा

1) जीभ वागेन्द्रिय है उससे राम राम जपने से उसमें इतनी अलौकिकता आ जाती है की ज्ञानेन्द्रिय और उसके आगे अंतःकरण और अन्तः कारण से आगे प्रकृति और  प्रकृति से अतीत परमात्मा तत्व है , उस परमात्मा तत्व को यह नाम जाना दे ऐसी उसमें शक्ति है .

2 ) राम नाम मणिदीप है . एक दीपक होता है एक मणिदीप होता है .  तेल का दिया दीपक कहलाता है मणिदीप स्वतः प्रकाशित  होती है . जो मणिदीप है वह कभी बुझती नहीं है . जैसे दीपक को चौखट पर रख देने से घर के अंदर  और भर दोनों हिस्से  प्रकाशित हो जाते हैं वैस ही राम नाम को जीभ पर रखने से  अंतःकरण और बाहरी आचरण दोनों प्रकाशित हो जाते हैं .

3 ) यानी भक्ति को यदि ह्रदय में बुलाना  हो तो,  राम नाम का जप करो इससे भक्ति दौड़ी चली आएगी .

4 ) अनेक जन्मों से युग युगांतर से जिन्होंने पाप किये हों उनके ऊपर राम नाम की दीप्तिमान अग्नि रख देने से  सारे पाप कटित हो जाते हैं .

5 ) राम के दोनों अक्षर मधुर और सुन्दर हैं . मधुर का अर्थ रचना में रस मिलता हुआ और  मनोहर कहने का अर्थ है की मन को अपनी और खींचता  है . राम राम कहने से मुंह में मिठास पैदा  होती है . दोनों अक्षर वर्णमाल की दो आँखें हैं .राम के बिना वर्णमाला भी अंधी है.

6 ) जगत में सूर्य पोषण करता है और चन्द्रना अमृत वर्षा करता है  है . राम नाम विमल है जैसे सूर्य और चंद्रमा को राहु –  केतु ग्रहण लगा देते हैं , लेकिन राम नाम पर कभी ग्रहण नहीं लगता है . चन्द्रमा घटता –  बढता रहता है लेकिन राम तो सदैव बढता रहता है .यह सदा शुद्ध  है अतः यह निर्मल चन्द्रमा और तेजश्वी सूर्य के समान है .

7 ) अमृत के स्वाद और तृप्ति के सामान राम नाम है . राम कहते समय मुंह खुलता है और म कहने पर बंद होता है . जैसे भोजन करने पर मुख खुला होता है और तृप्ति होने पर मुंह बंद होता है . इसी प्रकार  रा और म अमृत के स्वाद और तोष के सामान हैं .

8 ) छह कमलों में एक नाभि कमल [ चक्र ] है उसकी पंखुड़ियों में भगवान के नाम है , वे भी दिखने लग जाते हैं . आँखों में जैसे सभी बाहरी  ज्ञान होता है ऐसे नाम जाप से बड़े बड़े शास्त्रों का ज्ञान हो जाता है , जिसने  पढ़ाई नहीं की , शास्त्र शास्त्र  नहीं पढ़े उनकी वाणी में भी वेदों की ऋचाएं आती है. वेदों का ज्ञान उनको स्वतः हो जाता है .

9 ) राम नाम निर्गुण और सगुण के बीच सुन्दर साक्षी है . यह दोनों के बीच का वास्तविक ज्ञान करवाने वाला चतुर दुभाषिया है . नाम सगुण  और निर्गुण दोनों  से श्रेष्ट चतुर दुभाषिया है .

10 ) राम जाप से रोम रोम पवित्र हो जाता है . साधक  ऐसा पवित्र हो जाता है उसके दर्शन , स्पर्श भाषण से ही दूसरे पर असर पड़ता है . अनिश्चिता दूर होती है शोक –  चिंता दूर होते हैं , पापों का नाश होता है .  वे जहां रहते हैं वह धाम बन जाता है वे जहां चलते हैं वहां का वायुमंडल पवित्र  हो जाता है .

कैसे लें राम – नाम

परमात्मा ने अपनी पूरी पूरी शक्ति राम नाम में रख दी है . नाम जप के लिए कोई स्थान, पात्र विधि की जरुरत नही है . रात दिन राम नाम का जप करो निषिद्ध पापाचरण आचरणों से स्वतः ग्लानी हो जायेगी .  अभी अंतकरण मैला है इसलिए मलिनता अच्छी लगती है मन के शुद्ध  होने पर मैली वस्तुओं कि अकांक्षा नहीं रहेगी  . जीभ से राम राम शुरू कर दो मन की परवाह मत करो . ऐसा मत सोचो कि  मन नहीं लग रहा है तो  जप निरर्थक चल रहा है . जैसे आग बिना मन के छुएंगे तो भी वह जलायेगी ही .  ऐसे ही भगवान् का नाम किसी तरह से लिया जाए , अंतर्मन को निर्मल करेगा ही . अभी मन नहीं लग रहा है तो परवाह नहीं करो , क्योंकि आपकी नियत तो मन लगाने की है तो मन लग जाएगा . भगवान  ह्रदय की बात  देखते हैं की यह मन लगाना चाहता है , लेकिन मन नहीं लग पा रहा है .इसलिए मन नहीं लगे तो घबराओ मत और जाप करते करते मन लगाने का प्रयत्न  करो .

सोते समय सभी इन्द्रिय मन में , मन बुध्दि में , बुद्धि प्रकृति  में अर्थात अविद्या में लीन हो जाती है , गाढ़ी नींद में जब सभी इन्द्रियां लीन  होती है उस पर भी उस व्यक्ति को पुकारा जाए तो वह अविद्या से जग जाता है . राम नाम में  अपार  शन्ति , आनंद और शक्ति भरी हुई है . यह सुनने और  स्मरण करने में सुन्दर और मधुर है . राम नाम जप करने  से यह अचेतन – मन में बस जाता है उसके बाद अपने आप से राम राम जप होने लगता है करना नहीं पड़ता है  . रोम रोम उच्चारण करता है . चित्त इतना  खिंच जाता है की छुडाये नहीं छुटता .

राम राम राम

भगवान शरण में आने वाले को मुक्ति देते हैं लेकिन भगवान का नाम उच्चारण  मात्र से मुक्ति दे देता है . जैसे छत्र का आश्रय लेने वाल छत्रपति हो जाता है ,  वैसे ही राम रूपी धन जिसके पास है वही  असली धनपति है . सुगति रूपी जो सुधा है वह सदा के लिए तृप्त करने वाली होती है . जिस लाभ के बाद में कोई लाभ नहीं बच जाता  है जहां कोई दुःख नहीं पहुँच सकता है ऐसे महान आनंद को राम नाम प्राप्त  करवाता है

             - डॉ0 विजय शंकर मिश्र
[05/04, 07:36] Morni कृष्ण मेहता: 🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 05 अप्रैल 2020*
⛅ *दिन - रविवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - उत्तरायण*
⛅ *ऋतु - वसंत*
⛅ *मास - चैत्र*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - द्वादशी रात्रि 07:24 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
⛅ *नक्षत्र - मघा दोपहर 02:47 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
⛅ *योग - शूल सुबह 06:59 तक तत्पश्चातम वृद्धि*
⛅ *राहुकाल - शाम 05:08 से शाम 06:40 तक*
⛅ *सूर्योदय - 06:29*
⛅ *सूर्यास्त - 18:53*
⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - वामन-मदन द्वादशी, विष्णुदमनोत्सव, प्रदोष व्रत*
 💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार द्वादशी और रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *अंनग त्रयोदशी* 🌷
🙏🏻 *06 अप्रैल 2020 सोमवार को अंनग त्रयोदशी के दिन व्रत करने से दाम्पत्य - प्रेम में वृद्धि होती है तथा पति - पुत्रादि का अखंड सुख प्राप्त होता है।*
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *हनुमानजी प्रणाम मंत्र* 🌷
➡ *08 अप्रैल 2020 बुधवार को हनुमान जयंती है ।*
🙏🏻 *मैं जब भी कभी हनुमानजी की मूर्ति के सामने खड़ा होता हूँ तो यही बोलता हूं -*
🌷 *सुमिरि पवनसुत पावन नाम , अपने वश करि राखे राम ।*
🙏🏻 *हे हनुमानजी, आपने रामनाम का ऐसा तो सुमिरन किया कि रामजी को ही आपने अपने वश में कर लिया ।*
🌳 *आप भी कभी जाओ तो ये बोलना क्‍योंकि हनुमानजी को जप बहुत अच्‍छा लगता है । हनुमानजी के आगे कोई*
🙏🏻 *सिंदूर और चोला न चढ़ाये, नारियल न रखें तो हनुमानजी नाराज नहीं होंगे पर ये बोल दे कि हनुमानजी आपको भगवान का नाम कितना प्‍यारा लगता है ।*
🌷 *सुमिरि पवनसुत पावन नाम , अपने वश करि राखे राम । हनुमानजी राजी होंगे ।*
🙏🏻 *- श्री सुरेशानंदजी Mumbai 3rd March'2012*
                 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *हनुमान जयंती - दीप दान महिमा* 🌷
🙏🏻 *गेहूँ, तिल, उड़द, मूंग और चावल.. इन पाँचों के आटे से मिलाकर दिया बनाया जाये और वो जलाकर हनुमानजी के नाम से मंदिर में, पीपल या बड के पेड़ या घर में ही रखा जाये तो बड़ा शुभ माना जाता है |*
🌷 *इससे मनोरथो की सिद्धि होती है|* 🌷
🙏🏻 *भक्ति बढ़ाने की भावना से हनुमानजी की राम भक्ति सच्ची है तो मेरी भी मेरे अराध्य के चरणों में, मेरे सद्गुरु के चरणों में मेरी भक्ति सच्ची हो, दृढ हो | मेरा जीवन उपासनामय हो | मैं इच्छानिवृति का रास्ता कभी न छोडू, मैं गुरु की उपासना का रास्ता कभी न छोडू | मेरी भक्ति में दृढ़ता है इसलिए हनुमानजी की जयंती को हनुमान के नाम से पाँच अन्न का आटा मिलाकर अगर दीपक बनाया जाये और हनुमानजी के नाम से जलाया जाय तो बड़ा शुभ माना जाता है | सरसों का तेल के और घी का भी दिया कर सकते हैं |*
💥 *08 अप्रैल 2020 बुधवार को हनुमान जयंती है ।*
🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Vapi 24th April' 2013*

📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
                🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻
[05/04, 07:37] Morni कृष्ण मेहता: *संगत का प्रभाव*
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एक राजा का तोता मर गया। उन्होंने कहा-- मंत्रीप्रवर! हमारा पिंजरा सूना हो गया। इसमें पालने के लिए एक तोता लाओ। तोते सदैव तो मिलते नहीं। राजा पीछे पड़ गये तो मंत्री एक संत के पास गये और कहा-- भगवन्! राजा साहब एक तोता लाने की जिद कर रहे हैं। आप अपना तोता दे दें तो बड़ी कृपा होगी। संत ने कहा- ठीक है, ले जाओ।
         राजा ने सोने के पिंजरे में बड़े स्नेह से तोते की सुख-सुविधा का प्रबन्ध किया। ब्रह्ममुहूर्त में तोता बोलने लगा-- ओम् तत्सत्....ओम् तत्सत् ... उठो राजा! उठो महारानी! दुर्लभ मानव-तन मिला है। यह सोने के लिए नहीं, भजन करने के लिए मिला है।
'चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर। तुलसीदास चंदन घिसै तिलक देत रघुबीर।।'
         कभी रामायण की चौपाई तो कभी गीता के श्लोक उसके मुँह से निकलते। पूरा राजपरिवार बड़े सवेरे उठकर उसकी बातें सुना करता था। राजा कहते थे कि सुग्गा क्या मिला, एक संत मिल गये।

       हर जीव की एक निश्चित आयु होती है। एक दिन वह सुग्गा मर गया। राजा, रानी, राजपरिवार और पूरे राष्ट्र ने हफ़्तों शोक मनाया। झण्डा झुका दिया गया। किसी प्रकार राजपरिवार ने शोक संवरण किया और राजकाज में लग गये। पुनः राजा साहब ने कहा-- मंत्रीवर! खाली पिंजरा सूना-सूना लगता है, एक तोते की व्यवस्था हो जाती!
      मंत्री ने इधर-उधर देखा, एक कसाई के यहाँ वैसा ही तोता एक पिंजरे में टँगा था। मंत्री ने कहा कि इसे राजा साहब चाहते हैं। कसाई ने कहा कि आपके राज्य में ही तो हम रहते हैं। हम नहीं देंगे तब भी आप उठा ही ले जायेंगे। मंत्री ने कहा-- नहीं, हम तो प्रार्थना करेंगे। कसाई ने बताया कि किसी बहेलिये ने एक वृक्ष से दो सुग्गे पकड़े थे। एक को उसने महात्माजी को दे दिया था और दूसरा मैंने खरीद लिया था। राजा को चाहिये तो आप ले जायँ।

         अब कसाईवाला तोता राजा के पिंजरे में पहुँच गया। राजपरिवार बहुत प्रसन्न हुआ। सबको लगा कि वही तोता जीवित होकर चला आया है। दोनों की नासिका, पंख, आकार, चितवन सब एक जैसे थे। लेकिन बड़े सवेरे तोता उसी प्रकार राजा को बुलाने लगा जैसे वह कसाई अपने नौकरों को उठाता था कि उठ! हरामी के बच्चे! राजा बन बैठा है। मेरे लिए ला अण्डे, नहीं तो पड़ेंगे डण्डे!
       राजा को इतना क्रोध आया कि उसने तोते को पिंजरे से निकाला और गर्दन मरोड़कर किले से बाहर फेंक दिया।

        दोनों सुग्गे, सगे भाई थे। एक की गर्दन मरोड़ दी गयी, तो दूसरे के लिए झण्डे झुक गये, भण्डारा किया गया, शोक मनाया गया। आखिर भूल कहाँ   हो गयी? अन्तर था तो संगति का! सत्संग की कमी थी।

'संगत ही गुण होत है, संगत ही गुण जाय।
बाँस फाँस अरु मीसरी, एकै भाव बिकाय।।'

       सत्य क्या है और असत्य क्या है? उस सत्य की संगति कैसे करें?

आचार्य डॉ0 विजय शंकर मिश्र
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[05/04, 07:37] Morni कृष्ण मेहता: *_⚜!!श्री् हरि् !!_*⚜
*_𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•प्रस्तुति𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼_*
                  🙏🏻 *_पं0कृषण मेहता _* 🙏🏻
*_ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि आपके एवं आपके पूरे परिवार के लिए हर दिन शुभ एवं मंगलमय हों।_*

👉🏻 *_05 मार्च 2020 चैत्र  मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और रविवार का दिन है। द्वादशी तिथि शाम 7 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। उसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जायेगी।  पूरा दोपहर 2 बजकर 57 मिनट तक माघ नक्षत्र रहेगा।  मघा नक्षत्र के स्वामी केतु हैं, जबकि इसके अधिपति देवता पितरों को माना जाता है और इसके चारों चरण सिंह राशि में स्थित होते हैं।  इसके अलावा मघा नक्षत्र का संबंध बरगद के पेड़ से बताया गया है। लिहाजा जिनका जन्म मघा नक्षत्र में हुआ हो, उन लोगों को आज के दिन बरगद के पेड़ को किसी भी तरह की क्षति नहीं पहुंचानी चाहिए और बरगद के पेड़ को नमस्कार करना चाहिए और उसकी पूजा करनी चाहिए। इससे आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। जानें कैसा रहेगा राशिनुसार आपका रविवार।_*

🐑 *_मेष राशि आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आज घर पर ही अपने ऑफिस का काम पूरा करने में व्यस्त रहेंगे। काम समय से पूरा करने में सफल भी होंगे। बच्चें अपने साथ कोई गेम खेलने की जिद्द करेंगे। महिलाएं घर की साफ-सफाई करेंगी। अगर आप कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो अभी उचित समय नहीं है। बेहतर होगा कोरोना की परिस्थितियां ठीक होने तक इंतेजार करें। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा। सूर्यदेव को प्रणाम करें, तरक्की के नये रस्ते खुलेंगे।_*

🐂 *_वृष राशि आज का दिन शानदार रहने वाला है। आज आप अपने आपको ऊर्जावान महसूस करेंगे। मन में नई चीज़ों को जानने की उत्सुकता बनेगी। भाई-बहन आपकी पूरी मदद करेंगे। जीवनसाथी को लेकर आपकी जिम्मेदारियां बढ़ेगी। बच्चें बाहर जाने की जिद्द करेंगे, बेहतर होगा उन्हें बाहर ना जाने दें। लवमेटस फ़ोन पर लम्बी बात करेंगे, जिससे रिश्तें में नयापन आयेगा। भगवान शिव के मंत्र- ‘ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः’ का 21 बार जप करें, जीवन में चल रही समस्यायों से छुटकारा मिलेगा।_*

👨‍❤️‍👨 *_मिथुन राशि आज आपका ज्यादा समय परिवार वालों के साथ बीतेगा। आपके दिनचर्या में बदलाव आयेगा। आज आप घर पर ही कुकिंग का आनंद उठाएंगे। परिवार वालों के साथ किसी गंभीर मुद्दे पर बात करेंगे। आज कोई बड़ा फैसला बिना सोचे समझे ना लें। विद्यार्थियों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के विचारों से आज आप प्रभावित होंगे। लवमेटस आज थोडा परेशान हो सकते है। सूर्यदेव को जल अर्पित करें, आपके काम में निरंतरता बनी रहेगी।_*

🦀 *_कर्क राशि आज आपको हर काम में सावधान रहने की जरूरत है। किसी से बात करते समय अपनी वाणी पर संयम रखे। कुछ आदतों में सुधार लाने से आपका दिन बेहतर होगा। जीवनसाथी के साथ आपको प्यार से बात करनी चाहिए, इससे रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। कोरोना की परिस्थितियां ठीक होने पर आप बच्चों को कहीं घूमाने क प्रॉमिस लेंगे। आपको अपनी आर्थिक स्थिति पर थोड़ा ध्यान रखना चाहिए। पिता से आपको उचित सहयोग मिलेगा। श्री गणेश की आरती करें, दिन अच्छा गुजरेगा।_*

🦁 *_सिंह राशि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। आपको पेट से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। आपको अपनी बातें दूसरों से शेयर करने से बचना चाहिए। आज आप अपने महत्वपूर्ण कागजातों की फाइल खोलेंगे, जिसमे आपको कोई पुरानी ऍफ़ डी दिखेगी। दाम्पत्य जीवन को बेहतर बनाये रखने के लिए आपको गलतफहमी में पड़ने से बचना होगा। लवमेटस के लिए आज का दिन अच्छा रहने वालाहै। घर के बड़ों का पैर छूकर उसका आशीर्वाद लें, आपके साथ सब बेहतर होगा।_*

👰🏻 *_कन्या राशि आज आपके सितारे बुलंद रहने वाले हैं। अचानक धनलाभ होने के योग बन रहे है। आज आप अपने दिनचर्या की रुपरेखा बनायेंगे। किसी दोस्त से फ़ोन पर लम्बी बात होगी। दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आज आप अपने जीवनसाथी को कोई गिफ्ट देने का वादा करेंगे। वर्क फ्रॉम होम कर रहें सहकर्मी आपसे फ़ोन पर सहायता लेंगे। मॉडलिंग के क्षेत्र से जुड़े लोगों को किसी अच्छी ब्रांड के लिये काम करने का ऑफर आयेगा। सुबह उठकर धरती माता को छूकर प्रणाम करें, पुरे दिन मन प्रसन्न रहेगा।_*

⚖️ *_तुला राशि आज आपका दिन अनुकूल रहने वाला है। माता-पिता के साथ बैठकर घरेलु कार्यों की रूप रेखा बनायेंगे। वर्क फ्रॉम होम कर रहे लोगों को आज अपने कार्यों को पूरा करने में थोडा समय लगेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आज आपको घर की कुछ जिम्मेदारियां मिलेंगी, जिसे निभाने में आप सफल भी होंगे। कोई दोस्त आपसे आर्थिक सहायता मांग सकता है। बच्चों का मन पढ़ाई में लगेगा। कार्यों में जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा। जल में कुछ दाने चावल के डालकर सूर्यदेव को अर्पित करें, परिवार में सौहार्द बना रहेगा।_*

🦂 *_वृश्चिक राशि आज आप जीवन में किसी तरह के बदलाव को लेकर सोच-विचार करेंगे। किसी खाने की चीज़ के प्रति आपकी रुचि अधिक बढ़ सकती है। आपको अपनी सेहत का थोड़ा ख्याल रखना चाहिए। माता-पिता आपके काम में हाथ बंटाने की पूरी   कोशिश करेंगे। संतान पक्ष से आपके रिश्ते बेहतर रहेंगे। दाम्पत्य जीवन में खुशियाँ आएँगी। विद्यार्थियों के लिए दिन बेहतरीन रहने वाला है। भगवान को मिश्री का भोग लगायें, रिश्तों में मिठास भरेगा।_*

🏹 *_धनु राशि आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी। अविवाहित लोगों को विवाह के प्रस्ताव आयेंगे, साथ ही आपके घर वाले भी इसपर विचार करेंगे। जिन छात्रों को करियर संबंधी किसी प्रकार की परेशानी आ रही है, उन्हें आज बड़े भाई या बड़ी बहन से मदद मिलेगी। बच्चों के साथ अच्छा समय बीतेगा। परिवार में ख़ुशी का माहौल बना रहेगा। लवमेटस के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। गायत्री मंत्र का जप करें, जीवन में चल रही समस्यायों का समाधान मिलेगा।_*

🐊 *_मकर राशि आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में थोड़ी सुस्ती रहेगी। आपको किसी भी तरह की जिद्द करने से आज बचना चाहिए, वरना आपको परेशानी हो सकती है। सेहत में उतार-चढ़ाव से बचने के लिये आपको खान-पान पर ध्यान देना होगा। पैसों के मामले में आपको अपने जीवनसाथी की जरूरत पड़ सकती है। पारिवारिक रिश्तें बेहतर बने रहेंगे।लवमेटस एक दुसरे की भावनाओं की कद्र करेंगे। सूर्य देव के मंत्र- ॐ नमो भास्कराय नमः का 11 बार जप करें, मान-सम्मान में वृद्धि होगी_*

⚱️ *_कुंभ राशि आज का दिन काफी अच्छा रहने वाला है। आपका व्यक्तित्व खुशबू की तरह चारों तरफ महकेगा। आपको कोई बड़ी प्रसिद्धि मिल सकती है। परिवार में किसी जरूरी काम के पूरा हो जाने से मन प्रसन्न रहेगा। अविवाहित लोगों के लिए, उनका कोई रिश्तेदार फ़ोन करके विवाह का प्रस्ताव रखेगा। छात्र किसी काम को पूरा करने के लिये पिता की मदद लेंगे, जिससे उनका काम अच्छे से पूरा होगा। सेहत अच्छी बनी रहेगी। परिवार सहित भगवान की आरती करें, पारिवारिक रिश्तें और मजबूत होंगे।_*

🐬 *_मीन राशि आज का दिन जीवन में सुनहरे पल लेकरआने वाला वाला है। आर्थिक रूप से आप मजबूत रहेंगे। दाम्पत्य जीवन मेंआपसी विश्वास के सहारे संबंधों में मजबूती आयेगी। आज अपने किसी पुराने मित्र से फ़ोन पर बात करेंगे। मेडिकल से जुड़े लोगों को कुछ नया सिखने को मिलेगा। आज आप अपने वाणी पर संयम रक्खे, नहीं तो घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। लवमेटस के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। चन्दन का तिलक करें, परिस्थितियाँ आपके अनुकूल होंगी।_*
 

कहीं शुभ तो कहीं अशुभ माना जाता है अंक 3, जानें इसमें छिपा रहस्‍य

हमारे जीवन में अंकशास्‍त्र का अपना ही महत्‍व है। यही वजह है कि अक्‍सर ही कोई शुभ कार्य हो या फिर विशेष कार्य करना हो तो उसके लिए किसी शुभ तिथि का विचार करवाया जाता है। अंकशास्‍त्र में ऐसा ही एक अंक है ‘3’। इसे लेकर लोगों के मन में तरह-तरह की धारणाएं हैं। कहीं इसे शुभ माना जाता है तो कहीं अशुभ। तो आइए जानते हैं कि अंक ‘3’ को लेकर धर्म शास्‍त्र और अंक शास्‍त्र क्‍या कहते हैं? साथ ही इस अंक से ताल्‍लुक रखने वाले लोगों पर कैसा होता है इसका प्रभाव?

1सनातन धर्म में बेहद महत्‍वपूर्ण है अंक ‘3’
धर्म और मान्‍यताओं की बात करें तो सनातन धर्म में तीन का विशेष महत्‍व है। सृष्टि के रचयिता तीन ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश साथ ही देवियां भी तीन लक्ष्‍मी, सरस्‍वती और पार्वती। यही वजह है सनातन धर्म में इसका अपना ही महत्‍व है।
2/8परिक्रमा हो या आरती सबका आधार है अंक ‘3’
सनातन धर्म में आरती करनी हो तो तीन बार की जाती है। किसी पवित्र स्‍थल की परिक्रमा करनी हो तो उसे भी 3 बार करने का विधान है।
 3कुंडली से रिश्‍ता खास है इस अंक ‘3’  का
सनातन धर्म की मान्‍यताओं के अनुसार सौर मंडल में प्रमुख ग्रहों सूर्य, चंद्रमा और बृहस्‍पति की संख्‍या भी 3 है। साथ ही हमारी कुंडली में भी 3 ही प्रमुख ग्रह होते हैं। जो हमारे भाग्‍य को सबसे ज्‍यादा प्रभावित करते हैं।

4विशेषज्ञ भी मानते हैं खास अंक ‘3’ को

धर्म शास्‍त्र से इतर बात करें तो विशेषज्ञों के अनुसार 3 नंबर को एक बेजोड़ अंक माना जाता है। कहा जाता है कि यह अंक बेजोड़ होते हुए भी खुद में 2 और 1 को समाहित करता है। इसके चलते इसे अन्‍य अंकों से शुभ माना जाता है। इसके अलावा अगर आप त्रिकोण पर ध्‍यान दें तो तीसरी भुजा से ही इसका आकार पूरा होता है इसलिए इसे शुभ माना जाता है।
5टैरो कार्ड भी मानता है अंक ‘3’ को शुभ
अंक 3 में गजब की ऊर्जा का संचार माना जाता है। कहा जाता है कि यह व्‍यक्ति को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इसके अलावा कहते हैं कि यह अंक मंगल ग्रह का प्रतीक होता है। यानी कि टैरो कार्ड की दुनिया में यह तीसरा ग्रह होता है। जो कि बहुत ही प्रभावशाली माना गया है।

6खुशमिजाज होते हैं अंक ‘3’  वाले
अंकशास्‍त्र के मुताबिक 3 तारीख को जन्‍में या फिर ऐसी किसी तारीख पर जन्‍में लोग जिनका योग 3 आता हो वह बहुत ही खुश‍मिजाज होते हैं। इसके अलावा वह हमेशा ही खुद से आगे बढ़कर दूसरों की मदद करने के लिए तत्‍पर रहते हैं।
7मूड का पता लगाना है मुश्किल

अंक 3 वाले जहां काफी शुभ होते हैं वहीं इससे कुछ मुश्किलें भी आती हैं। मसलन यह किसी भी काम को करने में बहुत जल्‍दी थक जाते हैं। इसके अलावा इनके मूड का पता लगा पाना बेहद मुश्किल काम है। कभी ये काफी खुश होते हैं तो कभी अचानक से नाखुश नजर आने लगते हैं। इसके चलते कई बार संबंधों में वाद-विवाद की स्थिति बन जाती है।

8तो इसलिए मानते हैं 3 रोटियों को अशुभ
मान्‍यता है कि कभी भी किसी को भी खाने में एक साथ 3 रोटियां नहीं परोसनी चाहिए। ज्‍योतिषशास्त्री बताते हैं कि जब किसी व्‍यक्ति की मृत्‍यु हो जाती है। तो उसके त्रयोदशी संस्‍कार से पहले निकाले जाने वाले भोजन में तीन रोटियां दी जाती हैं। इसे केवल भोजन परोसने वाले के अलावा कोई और नहीं देखता। यही वजह है कि तीन रोटियां खाना त्रयोदशी संस्‍कार के खाने के समान मानी जाती है।

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