गुरुवार, 25 जून 2020

मधुर कुशल व्यवहार की भाषा है हिंदी / शेखर





हिंदी दिवस पर विशेष

अपनत्व ,शिष्टाचार की भाषा है हिंदी
मधुर कुशल व्यवहार की भाषा है हिंदी

मातृ पिता हैं परम पूजनीय,
गुरु शिक्षक सदा आदरणीय,
भेद भाव न करे किसी में
धनी निर्धन दोनों माननीय ,

आदर और सत्कार की भाषा है हिंदी
मधुर कुशल व्यवहार की भाषा है हिंदी,

राष्ट्र प्रेम की जगे भावना,
जन गण की है यही कामना ,
एक सूत्र में बंधे भारती
वर्षों इस ने की आराधना,

समता के आधार की भाषा है हिन्दी
मधुर कुशल व्यवहार की भाषा है हिंदी,

नित नवीन शब्दों को लाती,
स्वयं में समाहित उन्हें कराती,
बहुत विशाल ह्रदय है इसका,
हर परिवेश में घुल मिल जाती,

भाषा के विस्तार की भाषा है हिंदी,
मधुर कुशल व्यवहार की भाषा है हिंदी,

ज्ञान विज्ञान भाग्य कर्म है
साहित्य संस्कृति और धर्म है
इस में पुट आधुनिकता का
रीति परंपरा का भी मर्म है

उत्सव और त्यौहार की भाषा है हिंदी
मधुर कुशल व्यवहार की भाषा है हिंदी,

चलो गर्व से इसको बोलें,
द्वार इसकी प्रगति के खोलें,
विश्व पटल के शीर्ष पे पहुंचे,
इसकी मिठास हर देश में घोलें,

अब समस्त संसार की भाषा है हिंदी,
मधुर कुशल व्यवहार की भाषा है हिंदी,

शेखर

2 टिप्‍पणियां:

प्रेमचंद / जयचन्द प्रजापति

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