(आदमी) की तलाश में (बाघ ) की तलाश में आदमी

 दुनिया का सबसे दिलकश शानदार ताकतवर और अति विनम्र प्राणी भारत का राष्ट्रीय पशु जंगल का राजा "बाघ" अपने बचे खुचे आशियाने में मारा मारा फिर रहा है क्योंकि इसका दुश्मन है इसी दुनिया का सबसे लालची अति महत्वकांक्षी क्रूर निर्मम बम बारूद से लैश अत्यंत खूंखार प्राणी "इंसान"।।


इंसानी महत्वकांक्षाओं और क्षणिक मनोरंजन की भेंट चढ़ चुके इंसानो की बस्तियों और गंध से दूर रहने वाले कभी जंगल मे लाखों की संख्या में स्वच्छंद विचरण करने वाले जीव आज महज गिनती के बचे हैं।

 

क्या आनेवाली पीढियां इस शानदार जीव का साक्षात दर्शन कर पाएंगी ?? या महज संग्रहालयों में पड़े इनके विशाल जीवाश्मों को देख कर रोमांचित होंगी ??


इसी विषय और संवेदनाओं के इर्द गिर्द युवा लेखक कुणाल सिंह की कहानी पर आधारित सुप्रसिद्ध रचनाकार फ़िल्म समीक्षक रवि बुले जी की पटकथा और निर्देशन में बनी फ़िल्म"आखेट" निःसन्देह समाज को एक नया दृष्टिकोण देगी और उन तमाम आयामो को छूने में कामयाब होगी जिसकी परिकल्पना एक सभ्य समाज करता है। 


एक अति महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर फ़िल्म के निर्माण के लिए निर्माता Ashutosh Pathak जी को, लेखक निर्देशक Ravi Buley सर को और फ़िल्म से जुड़े समस्त तकनीशियनों कलाकारों को दिल से आभार शुभकामनाएं।। 


मूल कहानी आखेटक में रफ़ीक़ एक किरदार था, जिसे पटकथा में रवि बुले सर ने गढ़ा है और इस किरदार को एक धार दी है एक अलग आयाम दिया है जो इसे विशेष बनाता है। इस किरदार को निभाने का मौका देने के लिये  Ravi Buley Sir को Ashutosh Pathak Sir को ♥️ से धन्यवाद।


फ़िल्म OTT Platform #HungamaPlay Airtel, vodafone पर उपलब्ध है। Anupam Ojha Sir द्वारा लिखित फ़िल्म का गीत (राग पीलू पर आधारित ठुमरी Light-Classical forms) "सईयां शिकारी शिकार हो गए"  MX Player पर सुन सकते हैं। 


#आखेट

#Aakhet

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