गुरुवार, 7 जनवरी 2021

शराब और सैनीताईज़र

 🥃 🥃 शराब और सैनीताईज़र


*मुझे शराब से मोहब्बत नही है*

*मोहब्बत तो उन पलो से है*

*जो शराब के बहाने मैं*

*दोस्तो के साथ बिताता हूँ* 


🥃🥃 

*शराब तो ख्वामखाह बदनाम है*

*नज़र घुमा कर देख लो दुनिया में*

*शक्कर से मरने वाले बेशुमार हैं*


🥃🥃

*तौहीन ना कर शराब को कड़वा कह के*

*जिंदगी के तजुर्बे शराब से कड़वे होते है*


🥃🥃

*करो तब्दील अदालतें मयखानों में*

*सुना है नशे में कोई झूठ नहीं बोलता*

                                                              

🥃🥃

*बर्फ का वो शरीफ टुकड़ा*

*जाम में क्या गिरा बदनाम हो गया*


*देता जब तक अपनी सफाई* 

*वो खुद शराब हो गया*


🥃🥃

*ताल्लुकात बढ़ाने हैं तो*

*कुछ आदतें बुरी सीख ले गालिब*

*ऐब न हों तो लोग*

*महफ़िलों में नहीं बुलाते*


🥃🥃

*अभी सेनेटाइजर का जमाना है*

*वो भी शराब का ही भाई है* 

*फर्क बस इतना है*

*शराब अंदर से साफ करती है*

*और सेनेटाइजर बाहर से*


🥃🥃*

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