शुक्रवार, 8 अप्रैल 2022

किससे किससे दूर करोगे / अनंग

 *"संभलना सीखा"*

हमको  क्या  मजबूर करोगे।

किससे - किससे दूर करोगे।।


जब  देखो  तब  मेरी  चर्चा।

अब कितना मशहूर करोगे।।


इतना हमको याद करो मत।

लगता   है   मगरुर  करोगे।।


कहीं   बुराई  कहीं   दुहाई।

अपने दिल को चूर करोगे।।


खुशियां देकर खुश हो जाओ।

नया  -  नया   दस्तूर  करोगे।।


जान  लगाकर  पीछे  खींचो।

एक दिन तुम्हीं गुरूर करोगे।।


अब आदत से बाज तो आओ।

कितना  अधिक कसूर करोगे।।


चुगली हुईं संभालना सीखा।

भ्रम  में   हो   बेनूर   करोगे।।...*"अनंग"*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तारीफ की सजा??

  ❤️*राजा की प्रंशंसा*❤️ प्रस्तुति -:उषा रानी & राजेंद्र प्रसाद सिन्हा  एक बार एक राजा के दरबार में एक कवि आया ! कवि  अत्यंत  गुणी और प्...