शनिवार, 13 नवंबर 2021

गजानन माधव मुक्तिबोध

 लेखक गजानन माधव मुक्तिबोध का आज जन्मदिन है । 13 नवम्बर , 1917 को मध्यप्रदेश के श्योपुर कस्बे में उनका जन्म हुआ था । उनके पिता माधवराव ग्वालियर स्टेट में कोतवाल थे और उनके तबादले होते रहते थे ।  मुक्तिबोध की मां पार्वती अशोकनगर जिले की ईसागढ़ कस्बे के किसान परिवार से थीं ।

मुक्तिबोध ने उज्जैन से मिडल की परीक्षा दी थी और वे फेल हो गए थे , इस असफलता का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा । उनका बचपन तो अच्छा गुजरा पर आगामी जीवन में उन्हें कठोर संघर्ष करना पड़ा । उनके जीवित रहते उनकी एकमात्र प्रकाशित पुस्तक पर मध्यप्रदेश सरकार ने प्रतिबन्ध लगा दिया था । उनका लिखा ज़्यादातर मरने के बाद ही सामने आ सका । अज्ञेयजी के तारसप्तक के वे पहले कवि थे । कविता की रचनाप्रक्रिया को लेकर धारावाहिक रूप से परसाई जी द्वारा संपादित वसुधा में लिखे लेखों का संग्रह " एक साहित्यिक की डायरी "   कविता आलोचना की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक है । कविता , कहानी , आलोचना पर लिखा उनका सबकुछ मुक्तिबोध रचनावली के छः खण्डों में संकलित है । लम्बी बीमारी के बाद मात्र 47 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ । 

आधुनिक हिन्दी कविता के इतिहास में निराला के बाद मुक्तिबोध ही एक ऐसे कवि हैं जिनका जीवन और कविता एक दूसरे से पृथक नहीं हैं । उनका निजी व्यक्तित्व और कवि व्यक्तित्व परस्पर जुड़े है । परिणामत: उनकी कविता को समझने के लिए उनके व्यक्तित्व को समझना जरूरी है । विद्वानों ने मुक्तिबोध को विशुद्ध मार्क्सवादी तथा जनवादी कवि आदि विशेषताओं से परिपूर्ण कवि घोषित किया । परंतु विडम्बना यह की मुक्तिबोध अपने जीवन काल में कवि के रूप में उपेक्षित रहे ।‘ काफ्का’ ने अपनी डायरी में लिखा है ,’मौलिक जीवन दृष्टि और असाधारण प्रतिभावाले युग दृष्टा कलाकार व्यावहारिक जीवन में असफल और जीवनकाल में लोकप्रिय न होने पर भी अपनी रचनाओं के कारण मरने के बाद अमर होते हैं। ’यह विधान मुक्तिबोध पर लागू होता है। मुक्तिबोध की कविता का मूल्यांकन प्रारम्भ होने के बाद पारंपरिक मानदंड ही अपनाए गए ।

Gajanan Madhav Muktibodh was one of the most prominent Hindi poets, essayist, literary and political critic, and fiction writers of the 20th century. He also remained assistant-editor of journals like, Naya Khun and Vasudha. Wikipedia

Born: 13 November 1917, Chambal division

Died: 11 September 1964, Habib Ganj, Bhopal

Nationality: Indian

Education: University Of Nagpur, India (1954)

Siblings: Sharchchandra Muktibodh

Books


Ek Sahityik ki Diary

1964


Vipatra


Kamayani Ek Punarvichar


Bhuri Bhuri Khak Dhul


Bharat: Itihas Aur Sanskriti


Nai Kavita Ka Atmasangharsh


Naye sahitya ka saundarya-shastra


SHANTANU

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