शनिवार, 16 अक्तूबर 2021

जबलपुर का यह चेहरा / टिल्लन रिछारिया

 संस्कारधानी जबलपुर यानी साहित्य , संस्कृति , राजनीति की विशिष्टम हस्तियों की कर्मभूमि । ... सेठ गोविन्ददास , द्वारिका प्रसाद मिश्र  , महर्षि महेश योगी , आचार्य रजनीश , फ़िल्म अभिनेता प्रेमनाथ , कालिका प्रसाद दीक्षित , हरिशंकर परसाई , रामेश्वर शुक्ल  ' अंचल ' कैलाश नारद आदि के कियाकलापों से प्रेरित उत्प्रेरित उत्सवप्रिय जबलपुर के आत्मीय जन जो एक बार आप से मिले तो जीवनभर सुख दुख के साथ बने रहते है । बड़े प्रेमिल लोग । ज्ञानयुग प्रभात के  दफ्तर के आसपास की चाय पान की दूकानीं आर सिंधी ढाबा अभी भी याद है ।रातबिरात कबि ढाबे पर जाओ कुछ न कुछ बना कर जरूर खिलाता था । चाय पान की दूकान पर एक दो दिन न जा पाओ तो  शिकायत  , कहां थे जनाब , दो दिन से दिखे नहीं ! ...दफ्तर के बगल के पान की दूकान वाले ने दूसरे दी ही हमारा स्वागत करते हुए कहा ।... आप टिल्लन जी ...वो पूनम ढिल्लन जी का फोन आया था , कह रही थीं , भाई साहब का ख्याल रखना । ...मैने कहा,शुक्रिया ,  हाँ  यार वो राखी भी भेजी है आपके लिए अभी लाता हूँ । जबलपुर ज्यादा देर तक अजाना नहीं रहने देता । जल्दी आत्मसात कर लेता है । ...jaari hai

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